सिटी ब्लाक के रायपुर पोख्या गांव में चौपाल के दौरान मौजूद ग्रामीण, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। विभिन्न विकास खंडों में शुक्रवार को वसंत पंचमी की छ़ुट्टी के बीच ग्राम चौपाल आयोजन केवल खानापूर्ति रहा। कहीं अधिकारी पहुंचे तो कहीं सचिव और प्रधानों ने कुछ मनरेगा मजदूरों को बैठाकर कोरम पूरा किया। नोडल अधिकारियों को कौन कहे संबंधित खंड विकास अधिकारी भी चौपाल में नहीं पहुंचे। इससे फरियाद लेकर पहुंचे ग्रामीण मायूस होकर लौटे। सिटी : यहां हंगामे के बीच रायपुर पोखता में ग्राम चौपाल समाप्त हुई। ग्रामीण भरत शुक्ला ने अधिकारियों पर मनमानी तरीके से गांव में काम करने का आरोप लगाया। बृजेश कुमार, श्यामलाल ने आवास तो माधुरी, गीता व कमली ने चौहान बस्ती में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बताते हुए कहा गांव में पानी की टंकी तो है लेकिन नल की टोटी शो पीस बनी है। इसी तरह टेगराही में भी चौपाल के दौरान ग्रामीण अपनी मांग को लेकर अधिकारियों के न पहुंचने पर ग्रामीण शोर मचाते रहे। महेंद्र तिवारी, विनय मौर्या व दिलीप कुमार ने बताया कि ग्राम चौपाल 12 बजे ही शुरू हुआ था ग्रामीण पहुंचे भी नहीं चौपाल समाप्त कर दिया गया। जिगना, ऊंचडीह व रैपुरी में खंड विकास अधिकारी रामपाल, एडीओ प्रेमचंद पटेल व नोडल अधिकारी अरुण कुमार मिश्रा ने ग्रामीणों की फरियाद सुनी। ऊंचडीह में रमेशचंद्र पांडेय ने सीसीरोड व सिंचाई ब्यवस्था की मांग उठाई। इस दौरान प्रधान कांती देवी, जय शंकर मिश्रा, जगदीश सोनकर आदि रहे। पटेहरा, बहुती में प्रधान आशा देवी की अध्यक्षता में चौपाल संपन्न हुई। नोडल अधिकारी के न आने से चौपाल में फरियादी मायूस रहे। प्रधान ने बताया सभी फरियादियों की शिकायत दर्ज करा दी गई है। इस दौरान अजय कुमार तिवारी, सुमारू यादव, सुषमा, अंकित, हरि प्रसाद आदि रहे।