वर्चुअल मीटिंग के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओ को संबोधित करती राष्ट्रीय अध्यक्ष, अपना दल (एस)अनुप्र?
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मिर्जापुर। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहा है कि व्यवस्था परिवर्तन के बगैर अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ सकता है। डा. सोनेलाल पटेल कहा करते थे कि जब तक समाज का दबा-कुचला, वंचित, कमेरा वर्ग विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ेगा, तब तक संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ.भीम राव अंबेडकर का सपना साकार नहीं होगा।
अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद अनुप्रिया पटेल ने रविवार को क्रांति दिवस के अवसर पर वर्चुअल मीटिंग के जरिए यह विचार व्यक्त किया। बता दें कि आज से 21 साल पहले 23 अगस्त 1999 में पार्टी के संस्थापक एवं दूसरी आजादी के नायक डॉ.सोनेलाल पटेल और उनके कार्यकर्ताओं पर इलाहाबाद के पीडी टंडन पार्क में पुलिस ने लाठी चार्ज किया था। लाठी चार्ज की वजह से डॉ.सोनेलाल पटेल सहित पार्टी के कई दर्जन कार्यकर्ता बुरी तरह से घायल हो गये थें। तब से अपना दल कार्यकर्ता प्रतिवर्ष 23 अगस्त को क्रांति दिवस के तौर पर मनाते हैं। अनुप्रिया पटेल ने कहा कि जिन सिद्धांतों को लेकर अपना दल का गठन हुआ था, हमें उसी सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर चलना है। कहा कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर अखिल भारतीय न्यायिक सेवा का गठन जल्द से जल्द हो, ताकि अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति- जनजाति वर्ग के मेधावी युवक-युवतियों को भी न्यायपालिका में सेवा करने का मौका मिले। सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी अपना दल (एस) दलित-आदिवासी व पिछड़ा वर्ग के हितों के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी। सांसद ने भारत केप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया। वर्चुअल मीटिंग में पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ओपी कटियार, उत्तर प्रदेश सरकार के कारागार राज्यमंत्री जयकुमार सिंह जैकी, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य जवाहर लाल पटेल, पार्टी के केंद्रीय महासचिव अवध नरेश वर्मा, रामलखन पटेल (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री), रेखा वर्मा (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री), विधि मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजबली सिंह, पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य अरविंद बौद्ध, वरिष्ठ नेता करुणाशंकर सिंह पटेल, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य नरेंद्र पटेल, प्रीतम पटेल, राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पटेल, प्रदेश कोषाध्यक्ष रामसिंह पटेल, वरिष्ठ नेता ब्रजलाल लोधी, आदि थे।