राजगढ़। मड़िहान थाना क्षेत्र के जमुई गांव में पिछड़ी जाति के व्यक्ति ने एससी-एसटी प्रमाणपत्र बनवाकर योजनाओं का लाभ उठा रहा था। जांच के बाद जिलाधिकारी ने उसका प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है।
जमुई गांव में रह रहे श्यामलाल का मूल निवास देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के मसारी, गुरसंडी में है। वहां से उसने गलत तरीके से अनुसूचित जाति (गोंड) का प्रमाणपत्र बनावाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहा था। ग्रामीणों से मारपीट कर एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज कराता था और एससी आयोग से पैसा भी लेता था। जमुई निवासी अंकित कुमार दुबे ने जिलाधिकारी दिव्या मित्तल से इस मामले की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर गठित एसडीएम मड़िहान की आठ सदस्यीय टीम ने जांच की तो शिकायत सही पाई गई। श्यामलाल के पिता एवं श्वसुर की जाति अभिलेख में कहार अंकित है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने उसका गोड़ जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया।