मिर्जापुर। इस्राइल के सहयोग से जल्दी ही मड़िहान तहसील क्षेत्र के देवरी कला में 48 बीघा क्षेत्र में 11 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर ड्रैगन फ्रूट की स्थापना की जाएगी। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन इसके लिए कई दिनों से प्रयासरत थीं और पत्राचार चल रहा था। निदेशक राजकीय औद्योगिक मिशन उत्तर प्रदेश डाॅ. वीबी द्विवेदी ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी को पत्र भेजा है।
पत्र में निदेशक राजकीय औद्योगिक मिशन ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रैगन फ्रूट की स्थापना तथा समय-समय पर प्रगति की सूचना निदेशालय को देने का निर्देश भी दिया है। राज्य स्तरीय कार्य परिषद की 23 जून को हुई 42वीं बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त की ओर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रैगन फ्रूट के लिए मड़िहान तहसील क्षेत्र के देवरी कला मेंं स्थापना के लिए प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। उप निदेशक उद्यान मेवाराम ने बताया कि भारत सरकार और इस्राइल की संस्था मासव संयुक्त रूप से इस केंद्र को विकसित करेंगे। इस्राइल तकनीकी और आर्थिक सहयोग करेगा। सेंटर की स्थापना पर 11 करोड़ 72 लाख रुपये खर्च होंगे। थाईलैंड, वियतनाम, मलयेशिया, श्रीलंका में ड्रैगन फ्रूट की खेती होती है। सेंटर में टिशू कल्चर से ड्रैगन फ्रूट के पौधे तैयार किए जाएंगे। देश के कोने कोने से आने वाले किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यहां विदेशों से मंगाए मदर प्लांट की नर्सरी तैयार की जाएगी। उन्नत किस्म की पैकेजिंग और निर्यात संवर्धन संबंधी काम भी किए जाएंगे। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन का कहना है कि एक्सीलेंस सेंटर फॉर ड्रैगन फ्रूट की स्थापना को मंजूरी मिल गई है। इसके मूर्त रूप लेते ही देश ही नहीं, विदेशों में भी उन्नत नस्ल के पौधे और बड़ी मात्रा में फल निर्यात कर सकेंगे। मिर्जापुर ड्रैगन फ्रूट का हब बनेगा। जहां फलों के उत्पादन के साथ ही किसानों को प्रशिक्षित भी किया जा सकेगा।