रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित एटीएम में लगी ग्राहकों की भीड़।
नोटबंदी के 23 वें दिन बैंकों में वेतन और पेंशन लेने वालों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान अधिकांश बैंकों में कैश जल्दी समाप्त हो गया। कई बैंकों में सर्वर डाउन होने के चलते उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। करेंसी चेस्ट में कैश नहीं आने से बैंकों की शाखाओं को दिन भर कम कैश में काम चलाना पड़ा।
जिले में पुलिस, पीएसी, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, विकास विभाग, कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों आदि को वेतन के रूप में एक अरब से अधिक रुपये दिए जाते हैं। सेवानिवृत्त लोगों को 20 करोड़ की पेंशन के अलावा विभिन्न पेंशन योजनाओं में भी करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। गुरुवार को माह का पहला दिन होने के कारण बैंकों में आम दिनों की अपेक्षा भीड़ अधिक थी। सुबह से ही बैंकों के समक्ष पेंशन और वेतन की रकम निकालने के लिए लोग जुट गए थे लेकिन बैंक की शाखाओं में करेंसी चेस्ट से पैसे ही नहीं पहुंचे थे। इससे लोगोें को और बैंककर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्टेट बैंक की मिर्जापुर स्थित करेंसी चेस्ट से गुरुवार को एक भी पैसा बैंक शाखाओं को नहीं मिला जिससे उन्हें पहले से पड़े धन में से लोगों को संतुष्ट करना पड़ा। जिस किसी को दस हजार रुपये निकालने थे उन्हें चार हजार से ही संतोष करना पड़ा। इसी तरह थोड़ा थोड़ा धन देकर लोगों से बाद में आने को कहा गया। कई बैंकों में दोपहर तक ही कैश समाप्त हो गया था। उधर जिले के दक्षिणी इलाके में बसे क्षेत्रों में भी चुनार के स्टेट बैंक के करेंसी चेस्ट से धन नहीं मिलने के कारण यही स्थिति बनी रही। कई बैंकों में तो जब खाताधारक पहुंचे तो बताया गया कि सर्वर फेल है। इससे लोगों को निराशा हुई और वे वापस लौट गए।