मिर्जापुर। संतनगर धान क्रय केंद्र में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिलने पर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। धान खरीद में पूरी पारदर्शिता बरतने के बावजूद गड़बड़ी होने पर प्रशासन ने सभी केंद्रों की जांच शुरू कराने का फैसला किया है। इस घटना से कई खरीद केंद्रों में हलचल भी रही।
सूत्रों के अनुसार यदि इस फर्जीवाड़े की विस्तार से जांच की गई तो मामला और बड़ा निकल सकता है। खतौनियों में खेत का रकबा 24 से लेकर 34 बीघा तक है। पहला संदेह तो पंजीकरण को लेकर है। बताया जा रहा है कि जिन किसानों की इस प्रकार खरीद की गई है उनमें से अधिकांश ने बिना पंजीकरण के ही धान बेचा। इस समय जबकि पंजीकरण के बाद भी धान नहीं बिक पा रहा है तो बिना पंजीकरण के धान बिकने की बात स्वत: ही केंद्र प्रभारी को सवालों के घेरे में ले आता है।
इसके बाद नंबर आता है खतौनी का। सभी तहसीलों से इस समय कंप्यूटरीकृत खतौनी मिल रही है, लेकिन यहां जो खरीद हुई, बताया जा रहा है कि उसमें सभी खतौनियां हस्तलिखित हैं। इनको स्वीकार करने पर केंद्र प्रभारी की भूमिका संदिग्ध है। यही कारण है कि लगभग 17 हजार क्विंटल की खरीद को घोटाले की संज्ञा दी जा रही है। वहीं 59 किसानों पर भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह वह किसान हैं जिनके खाते में धान की राशि का भुगतान होना था। विभाग का कहना है कि संबंधित केंद्र प्रभारी पर पहले भी प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। बहरहाल इस मामले से पूरे जिले में हड़कंप है। जिले में पहले भी तकरीबन आठ लोगों पर अनियमितता पर प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है।
स्वामित्व योजना के लिए हुआ सर्वे
मड़िहान। तहसील क्षेत्र के चार गांव का बृृहस्पतिवार को स्वामित्व योजना के लिए सर्वे किया गया। इस गांव में ड्रोन से सर्वे कराकर स्वामित्व योजना लागू की जाएगी। मुख्य राजस्व अधिकारी हरिशंकर यादव के निर्देशन में लेखपालों ने सर्वे किया।
इस केंद्र प्रभारी के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज कराया गया था। साथ ही केंद्र बंद कर दिया गया है।
- धनंजय सिंह, डीआरएमओ
इस केंद्र की पहले भी शिकायत मिली थी। इसलिए गोपनीय तरीके से जांच करायी गई। जांच में फर्जीवाड़े का मामला सामने आने पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
- रोशनी यादव, एसडीएम मड़िहान