मिर्जापुर। पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में फर्जी आधार कार्ड लेकर परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी को शुक्रवार को पकड़ने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। आरोपी उम्र ज्यादा होने के कारण नाम बदलकर हाईस्कूल की परीक्षा दी। उसी रिजल्ट के आधार पर फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिया। ई-केवाईसी की जांच में पुराना आधार कार्ड शो होने से पकड़ लिया गया।
गाजीपुर निवासी पीयूष यादव पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा देने के लिए शुक्रवार को मिर्जापुर आया था। पहली पाली में उसका पेपर माता प्रसाद माता भीख इंटर काॅलेज में था। वह सुबह परीक्षा देने के लिए गया तो ई-केवाईसी जांच में पकड़ लिया गया। इसमें उसका आधार कार्ड गलत मिला। पीयूष की जन्म तिथि 1992 है। उसने 2007 में हाईस्कूल व 2009 इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। कई प्रतियोगी परीक्षाएं भी दी, परंतु असफल रहा। उम्र ज्यादा हो जाने पर वह प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पा रहा था। उसने 2017 में प्रिंस यादव के नाम से हाईस्कूल और 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी। इसमें उसने अपनी जन्म तिथि 1999 करवा ली। पुलिस आरक्षी परीक्षा में उसकी उम्र ज्यादा थी। वह परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहा था। इसलिए उसने 2017 वाले हाईस्कूल परीक्षा की जन्मतिथि 1999 से नया फर्जी आधार कार्ड प्रिंस यादव के नाम से बनवा लिया। पिछली बार निरस्त हुई आरक्षी परीक्षा में उसने इसी आधार कार्ड के आधार पर गाजीपुर में परीक्षा दी थी। इस बार जब वह 30 अगस्त को माता प्रसाद माता भीख इंटर काॅलेज में पहली पाली में परीक्षा देने पहुंचा तो पकड़ा गया। परीक्षा केंद्र में जाने से पहले ई-केवाईसी की जांच हुई। जांच के दौरान उसके पुराने आधार कार्ड में जन्मतिथि 1992 में दिखी। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसे थाने ले जाकर पूछताछ की। जांच में नाम बदलकर दोबारा हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा पास किए जाने तथा फर्जी आधार कार्ड बनवाने का मामला सामने आया। शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर शनिवार को उसे जेल भेज दिया।पुलिस अधीक्षक अभिनंदन का कहना है कि नाम बदलकर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा देने के साथ ही उम्र बदल कर फर्जी आधार कार्ड बनवाकर परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी को ई-केवाईसी की जांच में पकड़ लिया गया। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।