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Mirzapur News: बर्न वॉर्ड में 1 एसी, गंभीर मरीजों का नहीं होता इलाज

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मंडलीय अस्पताल का महिला बर्न  वार्ड । स्रेात- संवाद - फोटो : 1
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मिर्जापुर। भले ही मंडलीय अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हुए पांच वर्ष हो गए हैं, पर बर्न वार्ड पुरानी ही है। उसमें सुधार नहीं हुआ है। बर्न वार्ड में आने वाले मरीजाें को बड़े कमरे में एक एसी के सहारे रहना पड़ता है। दूसरी एसी खराब है। ठंड में तो किसी तरह गुजारा हो जाता है।
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वह एसी भी बेहतर कूलिंग नहीं करती। यही नहीं अगर मरीज गंभीर रहता है तो उसे रेफर कर दिया जाता है। मंडलीय अस्पताल में प्रथम तल पर पुरुष और द्वितीय तल पर महिला वार्ड था। बर्न वार्ड दो कमरे का था। इसमें चार-चार बेड और एसी लगे थे। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद मंडलीय अस्पताल के बर्न वार्ड का कायाकल्प नहीं हुआ।
बर्न वार्ड एक कमरे का हो गया। जले हुए मरीजों में इंफेक्शन की समस्या रहती है। उनके साथ रहने वालों को भी इंफेक्शन हो सकता है। ऐसे में बेड दूर-दूर होने चाहिए, पर एक कमरे में बर्न वार्ड होने से मरीजों को समस्या होती है। ठंड में काम चल जाता है। गर्मी आने पर बर्न वार्ड मेें जले में मरीजों परेशानी होती है। गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में आग लगने की घटनाएं बढ़ती हैं और जलने के केस भी अधिक आते हैं।
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