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दिलेर बुजुर्ग ने 10 बच्चों की बचाई जान

Wed, 16 Sep 2015 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो मिर्जापुर।
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दलापट्टी घाट पर हादसे के बाद नाव सवार दिलेर बुजुर्ग रामजी यादव ने अपनी दिलेरी से कई परिवारों का चिराग बुझने से बचा लिया। उन्होंने एक-दो नहीं, बल्कि दस से अधिक बच्चों की जान बचाई। लोग रामजी की हिम्मत की दाद देते नहीं थक रहे हैं। इतना ही नहीं, एक गर्भवती ने  करीब 50 मीटर गंगा में तैरकर पेट में पल रहे शिशु तथा अपनी दो वर्षीय बेटी पल्लवी की जान बचाकर यह संदेश दिया कि जिंदगी की जंग आखिरी सांस तक लड़नी चाहिए।
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 दलापट्टी गांव निवासी रामजी यादव (70) मंगलवार की सुबह छात्रों के साथ नाव में बैठ कर गंगा पार दूध बेचने जा रहे थे। इसी दौरान घाट के पास ओवरलोड नाव डूब गई। लोग डूबने लगे। रामजी यादव डूब रहे छात्र-छात्राओं को बचाने में जुट गए। एक छात्र को बाहर निकालने के लिए पकड़ा, तभी दस अन्य छात्र जान बचाने के लिए उनसे लिपट गए। खुद को छात्रों से घिरा देखकर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सभी को एक दूसरे का हाथ पकड़ कर अपने साथ धीरे-धीरे तैरकर बाहर निकलने की सलाह दी। इस तरह वह सभी को अपनी ताकत और बुद्धि के बल पर सुरक्षित बाहर निकाल लाए।   उधर, शहर कोतवाली क्षेत्र के सखौरा गांव की मनीषा (26) पत्नी लल्लू रक्षा बंधन पर भाई को राखी बांधने चील्ह थाना क्षेत्र के बेलवरिया गांव निवासी जयराम के यहां अपने मायके आई थीं। मंगलवार को वह दो वर्षीय बेटी पल्लवी के साथ ससुराल जा रही थीं। सुबह वह दलापट्टी घाट से नाव से सुंदरघाट के लिए रवाना हुई। हादसे के बाद बेटी को डूबता देेख मनीषा तैर कर उसके पास पहुंची और बेटी को हाथ में उठा लिया। नदी का पानी पेट में जाने से बचाने के लिए उन्होंने बेटी के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। गर्भवती होने के बावजूद करीब 50 मीटर तैर कर मनीषा ने अपनी बेटी को बाहर निकाला। नदी से बाहर निकलते ही वह बेहोश हो गई। लोगों ने आनन फानन में उन्हें तथा उनकी बेटी को जिला चिकित्सालय पहुंचाया। उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुुधार है। हालांकि इस दौरान उनके 15 सौ रुपये तथा एक सोने की चेन पानी में गिर गई। बचाने वालों को दिया गया पुरस्कार :चील्ह। विकास खंड के नीलम उपाध्याय एवं अमरेश यादव ने गंगा में डूब रहे लोगों को बचाने वाले रामजी यादव, तौफीक, श्याम बाबू, आदर्श, छोटू, सोनू, अजय को पांच-पांच सौ रुपये पुरस्कार दिया। माल्यार्पण कर उनकी बहादुरी की सराहना की गई।
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