यह आरोप भी है कि धर्मेंद्र के भतीजे विनोद पांडेय ने लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग की। इसमें दूसरे पक्ष के तीन लोगों को गोली लगी। इसमें कमलेश पांडेय (45), अभय पांडेय (22) और अभिषेक (19) गोली लगने से घायल हो गए। विनोद का आरोप है कि अपने बचाव में गोली चलाने पर विपक्षियों ने रिवाल्वर छीन लिया। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विवाद में गोली चलाई गई।
जिसके बाद मारपीट हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस सभी घायलों को उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल लेकर गई। अस्पताल में डॉक्टर ने धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया। गोली लगने से एक पक्ष के घायल सभी तीन और दूसरे पक्ष के रमेश व ओमकार को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। दोनों पक्षों से तहरीर लेकर पुुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है।
पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा का कहना है कि बृहस्पतिवार को सुबह पुराने विवादित जमीन पर कूड़ा फेंकने को लेकर पट्टीदारों में विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर एक पक्ष की ओर से फायरिंग की गई। इसमें तीन लोग घायल हो गए। मारपीट में दूसरे पक्ष के घायल एक व्यक्ति की मौत हुई है। दोनों पक्षों की तहरीर पर मुुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। विवादित जमीन की जांच राजस्व टीम कर रही है।
गांव में फोर्स तैनात
घटना की सूचना मिलने पर देहात कोतवाली और भरुहना, बरकछा चौकी प्रभारी के साथ पड़री थाने की फोर्स पहुंच गई। एसडीएम सदर चंद्रभान सिंह, सीओ सदर शैलेंद्र त्रिपाठी, महिला थानाध्यक्ष रीता यादव भी मौके पर पहुंचे। एसपी संतोष मिश्रा और एएसपी सिटी श्रीकांत प्रजापति भी मौके पर पहुंचे। उधर, मंडलीय अस्पताल में शहर कोतवाल अरविंद मिश्रा और अस्पताल चौकी प्रभारी हरिशंकर यादव घायलों का उपचार करा रहे थे। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
अघौली गांव निवासी अनंतराम और रघुवीर दो भाई थे। अनंतराम से चार पुत्र कैलाश, राकेश, उमानाथ और त्रिलोक हैं। इसमें कैलाश व त्रिलोकी की मौत हो गई है। रघुवीर से पांच पुत्र रमेश, ओमकार, निरंकार, अवधेश और धर्मेंद्र उर्फ राजू हैं। इसमें त्रिलोकी का कोई नहीं है। उनकी जमीन पर कब्जे को लेकर ही दोनों पक्षों में विवाद है।
जमीन के मसले पर बीते बुधवार को भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। बृहस्पतिवार को हुई मारपीट में धर्मेंद्र की मौत हो गई। धर्मेंद्र पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। गांव में जहां सबका मकान है, उसके पास जमीन है, परंतु मकान नहीं बना है। धर्मेंद्र घर से कुछ दूर दूसरे मकान में परिवार के सदस्यों के साथ रहते थे। बुधवार को भी विपक्षियों ने विवाद किया था।
इसकी जानकारी होने पर बृहस्पतिवार को सुबह वे घर आए थे। इस दौरान महिलाओं के बीच कूड़ा फेंकने को लेकर विवाद होने लगा। जब वे आए तो विपक्षियों ने उन पर हमला कर किया। धर्मेंद्र के परिवार की महिलाओं का आरोप है कि उनकी ईंट से कूचकर हत्या की गई।
हमला करने वालों ने मिन्नत करने पर भी नहीं छोड़ा। धर्मेंद्र से तीन पुत्रियां श्रुति पांडेय, शिखा पांडेय, स्वाती पांडेय और तीन पुत्र प्रशांत पांडेय, शशांक व श्रेयांश हैं। इसमें श्रुति की शादी हुई है। शिखा की शादी 16 फरवरी को तय थी। शिखा अपने नानी के घर बढ़ौली में रहती है। धर्मेंद्र की हत्या के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जमीन संबंधी विवाद में हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 24 लोग घायल हो गए। घायलों में पांच लोगों की हालत गंभीर है। मारपीट में घायल हुए लोगों में एक पक्ष के रमेश, विनोद, ओमकार, राजू, निरंकार, अनूप, बल्ली, गोलू, किशन, अवधेश, शशि, मालती, इंदू, सावित्री और दूसरे पक्ष के जगदीश, रामू, श्यामू, बृृजेश, अभय, वैभव, तोषू, कमलेश, लकी, अभिषेक शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को ट्रामा सेंटर बीएचयू रेफर कर दिया गया है।