फिर मां गंगा के दर्शन किए। इसके उपरांत राधा कृष्ण मंदिर में दोनों बच्चियों का मुंडन संस्कार कराया। इस दौरान नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
भजन और कथक की प्रस्तुति
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अक्षय तृतीया की पूर्व संध्या पर शनिवार की रात विंध्याचल धाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मां विंध्यवासिनी ध्वज पूजा सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजित 36वें वार्षिकोत्सव पर विशेष पूजा-अर्चना कर संगीतांजलि अर्पित की गई। वाराणसी से आए कलाकारों ने प्रस्तुति देकर माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाई। मां विंध्यवासिनी माता के आंगन में आयोजित कार्यक्रम में देर रात तक श्रद्धालु डटे रहे। मां के दरबार में भक्ति गीत एवं कथक कलाकारों की नृत्य के साथ बही सुर संगीत की धारा में लोग भाव-विभोर रहे।
मंदिर परिसर में सितार वादक काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर संगीता सिंह ने मां विंध्यवासिनी को नमन करते हुए पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सितार की सुरीली झंकार पर भक्त झूम उठे। राग यमन के बोल व बांसुरी पर सुधीर गौतम एवं तबला पर आनंद कुमार ने संगत किया।
इसके बाद कथक कलाकारों रविशंकर मिश्रा एवं ममता टंडन ने मनोहारी प्रस्तुति कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर लिया। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की वंदना से किया गया। देर रात तक चले कार्यक्रम में भक्त माता रानी के दरबार में जयकारा लगाकर हाजिरी लगाते रहे। इस मौके पर डॉ. भरत तिवारी ने अतिथियों एवं कलाकारों को माल्यार्पण और अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।