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Mirzapur News: मेहरबान मानसून, धान के खेतों में पानी भरा, किसानों के खिले चेहरे

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हलिया क्षेत्र में सुसुवाड़ नदी में आई बाढ़ बा​धित हलिया- दादरी संपर्क मार्ग ।-संवाद। - फोटो : 1
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लालगंज में 45 मिमी बारिश से नदी-नाले उफान पर, कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित
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मिर्जापुर। जिले में मंगलवार को भी मानसून मेहरबान रहा। कहीं रिमझिम तो कहीं झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया। बारिश से निचले इलाकों के धान के खेत पानी से लबालब भर गए, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे। खासकर जिगना और छानबे क्षेत्र में करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश से धान की फसलों को संजीवनी मिली।
सबसे अधिक 45 मिलीमीटर बारिश लालगंज तहसील क्षेत्र में दर्ज की गई। तेज बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए और कई प्रमुख मार्गों पर पानी बहने से कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। वहीं सदर तहसील में तीन मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि चुनार और मड़िहान क्षेत्र में रिमझिम बारिश होती रही।
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दोपहर बाद मौसम साफ हुआ, लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। मंगलवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू-भौतिकी विभाग, बीएचयू वाराणसी के मौसम वैज्ञानिक शिवमंगल सिंह ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों तक जिले में मौसम का यही मिजाज बना रहने की संभावना है।
इनसेट
उफान पर सुसुवाड़ नदी, हलिया-ददरी मार्ग दोपहर तक रहा बंद
हलिया। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के बाद सुसुवाड़ नदी उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर बढ़ने से हलिया-ददरी मार्ग पर बने रपटा के ऊपर तेज बहाव से पानी बहने लगा, जिससे मंगलवार दोपहर दो बजे तक मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा। इससे दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ और राहगीरों को घंटों इंतजार करना पड़ा। रपटा डूब जाने से हलिया, ददरी, संतनगर, मटिहरा, सगरा समेत आसपास के गांवों के लोग दोनों ओर फंस गए। कई वाहन भी मार्ग खुलने की प्रतीक्षा में खड़े रहे।

बारिश से मिर्च और मूंग की फसल पर संकट
सीखड़। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से सीखड़ विकासखंड के कई गांवों के खेतों में जलभराव हो गया है। इससे मूंग, मिर्च समेत खरीफ की फसलें प्रभावित होने लगी हैं। किसानों का कहना है कि जिन खेतों में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है, वहां फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने जल्द जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
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एक सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ने लगा जलस्तर
गंगा में बढ़ाव का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। शाम छह बजे तक गंगा का जलस्तर 66.890 मीटर दर्ज किया गया। शाम के समय गंगा के बढ़ने की रफ्तार तेज होकर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे पहुंच गई, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ गई है। नदी का जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु से काफी नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन चौकसी बढ़ा दी है। बाढ़ कंट्रोल रूम के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 66.720 मीटर था। उस समय नदी आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही थी। शाम छह बजे तक जलस्तर 66.890 मीटर पहुंच गया और बढ़ने की गति बढ़कर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे हो गई।
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