परमहंस आश्रम में हेलीकाप्टर से आश्रम में उतरते स्वामी अड़गड़ानंद महराज।- सोशल मीडिया।
सक्तेशगढ़। वसंत पंचमी पर स्वामी अड़गड़ानंद महाराज शुक्रवार को सक्तेशगढ़ आश्रम पहुंचे। दोपहर में आश्रम परिसर में अनुयायी उनके दर्शन के लिए उमड़ पड़े। जो जहां था वहीं से महाराज को दंडवत कर प्रणाम करता नजर आया। प्रवचन के दौरान स्वामी अड़गड़ानंद महाराज ने कहा कि संत होने के लिए मन व इंद्रियों को वश में करना आवश्यक है। कहा सांसारिक मोह माया को त्यागना और ईश्वर में रम जाना ही एक असली संत की पहचान है। कहा कि ईश्वर ही शाश्वत और सत्य है, जिन्हें गुरु के बताए मार्ग पर ही चलकर पाया जा सकता है। प्रवचन के दौरान आश्रम परिसर स्वामीजी के जयकारे से गुंजायमान रहा। वरिष्ठ संत नारद महराज के नेतृत्व में सोहन महाराज सहित आश्रम के अन्य संतों ने अपने गुरु महाराज का स्वागत एवं अभिनंदन किया।