कचहरी स्थित परिसर में पुलिस व वकील विवाद के बाद की फोटो, संवाद
मिर्जापुर। जिगना थाने में दर्ज छेड़खानी के मामले में न्यायालय में पीड़िता का बयान दर्ज कराने से पहले अधिवक्ता और दरोगा में विवाद हो गया। इसके बाद काफी संख्या में अधिवक्ता इकट्ठा हो गए। अधिवक्ताओं और पुलिस में झड़प हो गई। इसके बाद शहर, कटरा, देहात और अन्य थाने की फोर्स कचहरी पहुंची। सीओ सिटी ने सभी अधिवक्ताओं के साथ बैठक कर सही विवेचना कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। अधिवक्ता का आरोप था कि उसे फर्जी तरीके से आरोपी बनाया गया है। शाम को साढ़े चार बजे पीड़िता का बयान दर्ज कराने के बाद पीड़िता को परिवार के साथ घर पहुंचाया। चर्चा यह रही कि अधिवक्ताओं ने दरोगा की पिटाई कर दी थी। हंगामे का वीडियो वायरल होता रहा।
जिगना थाना में छेड़खानी व पाक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज था। मामले में जिगना थाना से दरोगा पीड़िता का 164 का बयान कराने न्यायालय लेकर आए थे। वहां पर मामले में आरोपी अधिवक्ता ने फर्जी तरीके से नाम डाले जाने का आरोप लगाया। इसे लेकर दरोगा से विवाद हुआ। विवाद होने पर काफी संख्या में पहुंचे अधिवक्ता और पुलिस में झड़प हो गई। इसके बाद सीओ सिटी विवेक जावला फोर्स लेकर पहुंचे। अधिवक्ताओं से बात की। जिला बार एसोसिएशन की बैठक में अध्यक्ष सुशील दुबे व अन्य अधिवक्ता के साथ बात किया। तथ्य परक विवेचना का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। हंगामा का वीडियो वायरल होने लगा। चर्चा रही कि अधिवक्ताओं ने दरोगा की पिटाई की। शहर कोतवाल नीरज पाठक ने बताया कि जिगना थाना में दर्ज पाक्सो एक्ट में अधिवक्ता पर मुकदमा दर्ज है। जिगना के दरोगा पीड़िता का बयान कराने आए थे। आरोपी अधिवक्ता का पीड़िता के परिजन से विवाद हो गया। इस पर दरोगा बीच-बचाव करने पहुंचे तो उनसे गहमागहमी हुई। न्यायालय और कंट्रोल रुम की सूचना पर पुुलिस पहुंची। सीओ सिटी ने सभी से बात कर मामला शांत कराया। शाम को पीड़िता का बयान कराकर घर पहुंचाया गया।
छेड़खानी मामले में पीड़िता का बयान होना था। जिगना पुलिस बयान के लिए लेकर आई थी। आरोपी अधिवक्ता का कहना था कि उनका नाम फर्जी डाला गया है। इस बात को लेकर गहमा-गहमी हो गई। सभी से बात किया गया। बताया गया कि तथ्य परक विवेचना होगी। साढ़े चार बजे पीड़िता का बयान कराकर घर भेजा गया।
विवेक जावला, सीओ सिटी