तेल चोर गिरोह के सदस्य भी चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले धार्मिक रस्म अदा करते हैं। इस बात का खुलासा बुधवार की सुबह विंध्याचल के कालीखोह के जंगल में इंडियन आयल की पाइप को लिकेज कर तेल चोरी करने के आए गिरोह द्वारा छोड़े गए सामानों को देेख कर हुआ।
पूजा पाठ का सामान देख कर सभी हैरान रह गए। कहा कि चोर भी धर्म को इतनी श्रद्घा से मानते यह पहली बार पता लगा है।
बता दें कि मंगलवार की रात चोर गिरोह के सदस्य इंडियन आयल की पाइप को लिकेज कर लाखों रुपये का डीजल चुराने आए थे, लेकिन घटना स्थल पर मिले माला फूल व नारियल देखकर यही लगता है कि चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले बाकायदा घटना स्थल पर पूजा पाठ किया ।
वहां माला फूल, दो नारियल और मिठाई भी चढ़ाई। आशंका व्यक्त की गई ने चोरों ने पाइप में छेद करने से पहले योजना को सफल बनाने के लिए भगवान से मन्नत मांगी ।
इसके बाद पाइप में लिकेज किया, लेकिन उन्हें कहां पता था कि वह जिस स्थान पर चोरी करने गए है वह मां विंध्यवासिनी की नगरी है जहां किसी भी हाल में गलत नहीं हो सकता है।
बता चलें कि मौके से प्लास्टिक की पाइप, रिंच, नट बो ल्ट, टिट्यू, फेबीकोल, हथौड़ी, पाना, रेती, बालू कागज, पेचकस, समेत अन्य सामान पाइन में लिकेज करने के लिए लेकर आए थे।
मौके पर मिले माला फूल को देखकर लोगों ने कहा कि चोर भी धार्मिक प्रवृति के हैं। जो गलत कार्य करने से पहले वारदात की सफलता के लिए भगवान की पूजा कर मन्नत मांगते हैं। जिसका प्रसाद वह खुद ग्रहण करते हैं।