सुरक्षा को देखते हुए बाहर से घर का दरवाजा बंद कर पूरी रात वनकर्मी मौके पर डटे रहे। गुरुवार सुबह डीएफओ अरविंद राज मिश्र ने कानपुर चिड़ियाघर से डा. मो. नासिर को टीम का सहारा लिया। डा.नासिर की टीम ने गुरुवार दोपहर किसी तरह दीवार तोड़कर भालू को बेहोशी का इंजेक्शन लगाने के बाद अपने कब्जे किया। प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा भालू को हलिया के जंगल में ले जाकर छोड़ा जाएगा।
घर में घुसा भालू न पकड़े जाने पर गुरुवार को गृहस्वामी के बच्चे भूख से परेशान रहे। जिस घर में भालू कैद था उसी घर में राशन पानी रखा था। भोजन की व्यवस्था न होने पर घर की महिलाएं आक्रोशित हो उठी। महिलाओं के साथ काफी संख्या में आक्रोशित ग्रामीणों ने वन कर्मियों खूब खरीखोटी सुनाई। मौके की नजाकत भांप मौके पर मौजूद प्रभागीय वनाधिकारी अरविंद राज मिश्र ने अपनी जेब से पीड़ित परिवार को तत्काल एक हजार रुपये भोजन आदि व्यवस्था के लिए दिया गया। तब जाकर लोगों का गुस्सा ठंडा पड़ा।