डाला छठ का त्यौहार जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है, वैसे-वैसे बांस की डलिया व छिटवा बनाने का काम कारीगरों ने तेज कर दिया है। सड़क की पटरियों पर झोपड़ी लगाकर डेरा जमाए बनवासी बांस की डलिया बनाने में मशगूल हैं। पूजा की डलिया बनाने में परिवार के सभी सदस्य शामिल रहते हैं। डलिया बनाने के बाद कारीगर शहर में जाकर अपनी डलिया को बेचते हैं। वर्तमान में जनपद के ग्रामीण अंचलों में कारीगर डलिया व छिटवा बनाने में जुटे हुए है।