मादक पदार्थों का सेवन करने वालों पांच नाइयों को श्रीविंध्य नाई समाज ने विंध्याचल मंदिर व गंगा घाटों पर नाई का कार्य करने पर महीने भर के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। इस दौरान जो लोग नशा छोड़ देंगे उन पर से प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। समाज के पदाधिकारियोें का कहना है कि नशाखोरी करने वाले समाज को बदनाम कर रहे हैं। ऐसे पांच लोगों को माता के धाम में कार्य करने का अधिकार नहीं है। उनका बक्सा जब्त कर कार्य करने से मना कर दिया गया है। इसके बावजूद वे ऐसा करते हैं तो उन पर कार्रवाई होगी।
विंध्याचल क्षेत्र में धड़ल्ले से हेरोइन बेची जा रही है। उसका सेवन करने वाले लोगों पर लगाम लगाने के लिए नाई समाज ने यह कदम उठाया है। नाई समाज ने कहा कि मादक पदार्थ का सेवन करने वालों के परिवार की माली हालत खराब होती जा रही है। ऐसे लोग समाज के विकास में भी बाधक हैं। उनकी वजह से दूसरे लोग भी नशे की गर्त में गिर सकते हैं। लिहाजा उनको अलग-थलग करना जरूरी है। नाई समाज मादक पदार्थों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग पुलिस अधीक्षक से की है।
अध्यक्ष शुभ लाल शर्मा ने कहा कि नाई समाज के पांच लोग जो मादक पदार्थ का सेवन करते थे, उनका बहिष्कार किया गया है। कहा उनके गंगा घाटों और मंदिर में काम करने पर रोक लगाई गई है। इसकी लिखित सूचना श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष राजन पाठक को दे दी गई है। पांचों लोगों को सुुधरने का एक माह का मौका दिया गया है। यदि सुधर गए और नशाखोरी बंद कर दी तो उन्हें समाज में ले लिया जाएगा।