अहरौरा। जिलाधिकारी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को दोपहर से लखनिया दरी जल प्रपात पर लगाई गई प्रशासनिक रोक पूर्णतया हटा ली गई। एसडीएम चुनार ने लखनिया दरी जलप्रपात पहुंचकर मुख्य मार्ग के गेट का ताला खोलने का निर्देश दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी को हिदायत दी कि जलप्रपात पर आने वाले पर्यटकों को न रोकें। उन्होंने आगाह किया कि चूना दरी पर लगाई गई प्रशासनिक रोक जारी रहेगी। इस निर्देश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया।
सावन माह में पर्यटन स्थल लखनिया दरी जल प्रपात पर लगाई गई रोक प्रशासन द्वारा हटा लिए जाने क्षेत्र के लोगों में खुशी है। हालांकि जानलेवा हादसों के चलते चूना दरी जल प्रपात तक पहुंचने के मार्ग पर बैरिकेडिंग कर पर्यटकों के लिए आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। सैलानी चूना दरी नहीं जा सकेंगे। इसके साथ ही लखनिया दरी जल प्रपात पर्यटन स्थल पर मांस, मदिरा व शराब का सेवन करने अथवा लेकर जाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसका उल्लंघन करने वाले पर्यटकों को अर्थदंड का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जुर्माने की न्यूनतम धनराशि एक हजार रुपये निर्धारित की गई है। ज्ञात हो, बीते वर्ष चूना दरी जल प्रपात में नहाने के दौरान डूबने से बीएचयू के छात्रों सहित कुल नौ लोगों की अलग-अलग हादसों में मौत हो गई थी। इसके चलते पर्यटन स्थल पर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया था। इस बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगाई गई रोक हटा लिए जाने से सैलानियों में खुशी है। इससे पर्यटन स्थल के आसपास छोटा-मोटा रोजगार कर रोज कमाने खाने वाले तथा इसी पर आश्रित लोगों के दिन भी बहुरेंगे। अब उन्हें दो वक्त की रोटी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
उप जिलाधिकारी चुनार नवनीत सेहरा का कहना है कि पर्यटन स्थल लखनिया दरी जल प्रपात पर लगाई गई प्रशासनिक रोक को जिलाधिकारी के निर्देश पर हटा लिया गया है। पर्यटकों के लिए चूना दरी जाने पर लगाई गई प्रशासनिक रोक जारी रहेगी। लखनिया दरी पर मांस मदिरा लेकर जाना अथवा उसका सेवन पूर्णतया प्रतिबंधित है। पकड़े जाने पर जुर्माना देना होगा। लखनिया दरी जलप्रपात पर पिकनिक मनाने वाले सैलानियों को प्रति व्यक्ति पांच रुपये की दर से शुल्क भी देना होगा। हालांकि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को इससे मुक्त रखा गया है। बेहतर साफ-सफाई तथा प्रबंधन के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। शुल्क दिए बगैर पर्यटक अंदर प्रवेश नहीं कर सकेंगे।