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Mirzapur News: ऑडिट फाइलें गायब, मांगने पर 12 सचिव नहीं दे पा रहे हिसाब

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मिर्जापुर। पंचायत चुनाव से पहले पंचायत राज विभाग ने वित्तीय अनियमितताओं और लंबित ऑडिट मामलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 809 ग्राम पंचायतों में से 419 पंचायतों के वित्तीय अभिलेख अब तक प्रस्तुत नहीं किए हैं।
विभाग ने संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चेतावनी दी कि 15 दिन में मूल अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पर आरसी जारी कर वसूली की जाएगी। वहीं ऑडिट और एनओसी के बिना कई प्रशासकों की चुनावी दावेदारी भी प्रभावित हो सकती है।
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पंचायत राज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22 के बीच लाखों रुपये के खर्च का पूरा लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया गया है।
वर्ष 2020-21 में छानबे ब्लॉक की अकोढ़ी ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम विकास अधिकारी प्रकाश चंद्र दुबे पर 45.24 लाख रुपये के अभिलेख प्रस्तुत न करने का मामला है। ग्राम विकास अधिकारी पर विंध्याचल के केवटान में 35.50 लाख रुपये का मामला अटका हुआ है। छानबे के नदिनी में तैनात सचिव प्रज्ञान शुक्ला की ओर से 34 लाख रुपये के अभिलेख नहीं दिए गए हैं। बिरोही में 30 लाख रुपये के खर्च का भी रिकॉर्ड है। इसी तरह लालगंज के अतरइला राजा में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी संतोष कनौजिया पर 18 लाख रुपये, सिटी ब्लॉक के बरजी मुकुंदपुर में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी संत कुमार पर 15 लाख रुपये और दुल्हपुर में 12 लाख रुपये के अभिलेख लंबित हैं।
पहाड़ी ब्लॉक के हिनौती में तैनात रहीं ग्राम पंचायत अधिकारी शोभारानी पर 11 लाख रुपये और चपगहना में 9.50 लाख रुपये के दस्तावेज नहीं देने के आरोप हैं। बबुराकला में तैनात ग्राम विकास अधिकारी विजय कुमार पर 13.69 लाख रुपये के खर्च का मूल रिकॉर्ड भी विभाग को नहीं मिला है।
वर्ष 2021-22 में नरायनपुर के सेमरा में तैनात रहे सेवानिवृत्त ग्राम विकास अधिकारी अनिल मिश्रा पर 18 लाख रुपये तथा हलिया के ऊंटी ग्राम पंचायत में सचिव प्रज्ञान शुक्ला पर 15.51 लाख रुपये के अभिलेख प्रस्तुत न करने का मामला सामने आया है।
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जिला पंचायत राज विभाग ने सभी संबंधित कर्मियों को नोटिस जारी कर 15 दिन में अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। विभाग का कहना है कि निर्धारित समय में रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने वालों के खिलाफ नियमानुसार आरसी जारी कर राजस्व वसूली की जाएगी।
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