अहरौरा के हनुमान पहाड़ी पर और चुनार के समेरी गांव के पास लूट की वारदात को अंजाम देने वाले चारों बदमाशों को सोमवार की रात गिरफ्तार कर माल समेत मंगलवार की सुबह पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद्र ने पत्रकारों के सामने प्रस्तुत किया।
दावा किया कि पुलिस की सक्रियता के कारण 24 घंटे के अंदर बदमाशों को गिफ्तार करने में सफलता मिली है। जुर्म की दुनिया में कूदे इन युवकों की पहचान पहले नहीं होने के कारण वह पिछले कुछ दिनों से वारदात को अंजाम देकर बचते जा रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने एक देशी तमंचा, कुछ जिंदा कारतूस तथा लूट में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की गाड़ी भी बरामद कर ली है।
एसपी दिनेश चंद्र ने बताया कि कुछ दिनों से चार युवक अहरौरा के हनुमान पहाड़ी इलाके में लोगों को डरा धमका रुपया छीन ले रहे थे। रविवार की रात इसी गिरोह के सदस्यों ने दो घटनाओं को अंजाम दिया।
मामले की जानकारी होने पर अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन अरविंद मिश्रा तथा सीओ नक्सल गीतांजली सिंह के नेतृत्व में अपराधियों को पकड़ने के लिए मड़िहान थानाध्यक्ष पंकज यादव, धौरहा चौकी इंचार्ज महावीर प्रसाद द्विवेदी, सक्तेशगढ़ चौकी इंचार्ज संतोष यादव, उपनिरीक्षक शैलेश राय तथा अहरौरा थानाध्यक्ष रमेश यादव के नेतृत्व में चार टीमें गठित कीं।
गठित टीम सुराग रसी कर रही थी कि चुनार के सेमरी गांव के पास बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। जिसके कुछ देर बाद चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पकड़े गए आरोपियों में अंकुज पटेल, इंद्रसेन ऊर्फ वीरू पटेल, अमन पटेल निवासी पचेंगड़ा अदलहाट तथा नीलेश उर्फ बबलू पटेल निवासी मगरहां चुनार हाल पता गरौड़ी अदलहाट शामिल है।
एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 17 जून 2015 की रात सोनभद्र के हिंदवारी पुलिया के पास बोलेरो से पैसा लूटने की बात स्वीकार की। वहीं एक आरोपी को निर्दोष पाए जाने पर छोड़ दिया गया है।