धरने का नेतृत्व बुधवार को बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन के जिला सचिव नागेंद्र सिंह ने किया। उन्होंने ई वन पे स्केल को तत्काल लागू करने और अनुकंपा आधारित नियुक्तियों में आने वाली कठिनाईयों को दूर करने की भी मांग की।
बुधवार को कर्मचारी मांगों को लेकर बीएसएनएल कार्यालय पर जमा हुए आैर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि सरकार को मांगों को नजरंदाज करना महंगा पड़ेगा।
एसएनईएआई के अध्यक्ष एमएच उस्मानी ने धरने के दौरान नान एक्जीक्यूटिव कैडर्स स्टाफ की नई भर्ती, बकाया, टीएसएम्ज, कैजुअल लेवरर्स का नियमितीकरण आदि करने की मांग की।
धीरेंद्रधर दूबे ने कहा कि एनईपीपी को लागू करने में प्रबंधन द्वारा पैदा की गई परेशानियाें का हल निकाला जाए। आरपी ओझा ने मांग किया गया कि एलटीसी, लीव एनकैशमेंट और चिकित्सा भत्ते की बहाली किया जाए।
कर्मचारियों के हित में यह आवश्यक है। वक्ताओं ने कहा कि वह अपने हक की आवाज उठा रहे हैं। उनकी मांग जायज है और सरकार को उसे सुनना चाहिए। चेतावनी दी गई कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा। उनका आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।
इस दौरान जिला सचिव नागेंद्र सिंह सहित नरेश वर्मा, सुरेश चंद्र बिंद, आरपी ओझा, मानसिंह पटेल, राजेश पाल, जयशंकर पांडेय, रमेश पाठक, त्रिभुवन, दिनेश तिवारी, रामलौटन, खुनखुन राम, दिनेश मौर्य, शमीम जंग खां, रीता देवी, अनुसूईया देवी, पुष्पा देवी, अमरनाथ मालवीय उमाशंकर सहित काफी संख्या में बीएसएनएल के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।