चुनार। थाना क्षेत्र के ममोलापुर गांव के पास शुक्रवार को देर रात अपने साथी के वाहन में बैठकर वापस आ रहे अपना दल एस के जिला युवा महासचिव के वाहन में अज्ञात पिकअप ने टक्कर मार दी। रात में पुलिस को सूचना देकर उन्होंने कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि गो आश्रय स्थल से पशु की तस्करी हो रही है। इसके बाद एएसपी नक्सल व अन्य अधिकारी वहां जांच करने पहुंचे।
शनिवार को सुबह कोतवाली पहुंचे अपना दल एस के नेता संदीप सिंह ने बताया कि विपुल पटेल के साथ नरायनपुर से दाह संस्कार में शामिल होकर घर लौट रहे थे। पशु लदे वाहन ने पहले कंदवा गांव के पास टक्कर मारा। जिसका पीछा करते हुए वे ममोलापुर पेट्रोल टंकी के पास पहुंचे तो वहां पिकअप खड़ी थी। उसे पकड़ने के लिए उतर ही रहे थे कि जान लेने की नीयत से दोबारा वाहन में टक्कर मारते हुए चालक भाग गया। आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र के ललईपुर कंदवा स्थित गो आश्रय स्थल से गोवंश की तस्करी होती है। जिसमें शामिल लोगों ने ही इस घटना को अंजाम दिया होगा। शनिवार को अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ओपी सिंह, तहसीलदार शक्ति प्रताप सिंह, पुलिस उपाधीक्षक उमाशंकर सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी रागिनी पांडेय व कोतवाल संजीव कुमार सिंह ललईपुर स्थित गो आश्रय स्थल पहुंचे। वहां मौजूद कर्मी से पूछताछ करने के बाद गायों की संख्या व रजिस्टर देखकर पशुओं की गणना कराई। रजिस्टर में दर्ज व गो आश्रय में मिले पशुओं की संख्या में अंतर मिला। अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ने बताया कि आरोप के आधार पर जांच की गई। इस दौरान पंजिका में 208 पशु पंजीकृत थे, जबकि गणना में 180 पशु ही पाए गए। संयुक्त जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले में विपुल पटेल की तहरीर पर अज्ञात पिकअप वाहन व चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।