प्रथम कानून मंत्री बाबा साहब डा. भीमराव अंबडेकर पर मंत्री आजम खां द्वारा अपमानजनक टिप्पणी करने पर भाजपाजनों ने कड़ी नाराजगी जताया। भाजपाजनों ने विरोध स्वरूप कलेक्ट्रेट पर जमकर प्रदर्शन किया। वहीं जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को पत्रक भेजकर मंत्री आजम खां को बर्खास्त करने की मांग किया। इसके बाद कचहरी चौराहे पर प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।
भाजपा नेता रमाशंकर सिंह पटेल ने कहा कि डा. भीमराव अंबेडकर के अथक प्रयास के चलते ही देश के संविधान का निर्माण हो पाया। स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री भारत रत्न बाबा साहब डा. भीम राव अंबेडकर पर सपा नेता आजम खां द्वारा अमर्यादित और अपमानजनक टिप्पणी की गई है, जिसे भाजपाजन कत्तई बर्दाश्त नहीं करेंगे। रत्नाकर मिश्रा ने कहा कि प्रथम कानून मंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बृजभूषण सिंह ने कहा कि महापुरुषों का अपमान कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मनोज जायसवाल ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर पर टिप्पणी करने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस दौरान विष्णु सोनकर, वीरेंद्र प्रताप यादव, डा. नीरज त्रिपाठी, गंगा सागर दूबे, कौशल श्रीवास्तव, धनंजय पांडेय ने सपा नेता आजम खां द्वारा की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की। भाजपाजन मालती त्रिपाठी, चंद्राशु गोयल, चेतनारायण सिंह, रविशंकर त्रिपाठी, निर्मला राय, संतोश गोयल, आशुकांत चुनाहे, श्याम सुंदर केसरी, हरिशंकर पाल, जय सिंह पाल, अखिलेश अग्रहरि, अमित सिन्हा आदि ने अमर्यादित और संवैधानिक टिप्पणी करने वाले मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।