इसके बाद चंदा की मां ने मो. आरिफ पर धर्म परिवर्तन न करने पर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस आरोपी पर संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरिफ की तलाश करने लगी। इस बीच कौशांबी पुलिस मिर्जापुर भी आई। गुरुवार को कौशांबी पुलिस ने आरोपी मो. आरिफ को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। कौशांबी पुलिस टीम ने मिर्जापुर में गुरसंडी पीएचसी में स्थित उसके कमरे को खोलकर फोरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य इकट्ठा किया। इस दौरान दुपट्टा आदि बरामद हुआ। माना जा रहा है कि आरोपी ने रकारी आवास में ही चंदा की हत्या करने के बाद शव को कौशांबी ले गया।
एएसपी सिटी श्रीकांत प्रजापति का कहना है कि एंबुलेंस चालक यहां हिंदू महिला के साथ शादी करके रह रहा था। आस-पास के लोगों को चंदा को कैंसर होना बताकर यहीं से एंबुलेंस से कौशांबी ले गया। कौशांबी में पोस्टमार्टम कराने पर गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। वहां धर्म परिवर्तन व हत्या से संबंधित मुकदमा दर्ज किया गया है। कौशांबी पुलिस टीम गिरफ्तारी के लिए आई थी। आरोपी कौशांबी में पकड़ा गया है। फोरेंसिक टीम के साथ कौशांबी पुलिस ने उसके कमरे की जांच की है।
एंबुलेंस चालक मो. आरिफ चंदा के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहता था, परंतु लोगों को अपनी पत्नी बताता था। आस-पास के लोगों ने बताया कि वह जब एंबुलेंस चलाने जाता था तो बाहर से कमरा बंद कर देता था। उसकी पत्नी अंदर कमरे में ही रहती थी। बलिया जिले के निवासी राम सिंगार सिंह ने बताया कि उसकी पुत्री चंदा की शादी मऊ के दुर्गेश सिंह के साथ हुई थी। दुर्गेेश फौज में थे। आठ वर्ष पहले दुर्गेश की मौत हो गई। चंदा से दो पुत्री सृष्टि और बरखा सिंह हैं। पति की मौत के बाद चंदा ने मऊ में ब्यूटी पार्लर खोल लिया। मऊ में जोगापुर पीएचसी में 108 एंबुलेंस के चालक मो. आरिफ से मुलाकात हुई। उसने खुद को हिंदू बताया था। एक सप्ताह पहले आरिफ ने कौशांबी के मिरदहन पुरवा में पंचायत बुलाई थी। वहां मौलवी ने चंदा को धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा। पंचायत में चंदा से मारपीट की गई थी।