जिले की चारो तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार व पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने लालगंज में लोगों की समस्याओं की सुनवाई की। सभी जगह अधिकांश मामले भूमि विवाद, कब्जा व मार्ग विवाद से संबंधित आए। जिले की चारो तहसीलों में 741 मामले आए। इनमें से मौके पर 35 का निस्तारण हुआ। सदर तहसील में उप जिलाधिकारी चंद्रभान सिंह की अध्यक्षता में शिकायतों की सुनवाई की गई। यहां 221 मामले आए। इनमें से मौके पर दो का ही निस्तारण हो पाया। लालगंज में 297 मामले आए। इनमें से सिर्फ नौ का निस्तारण हुआ। चुनार में आए 135 मामलों में से 15 तथा मड़िहान में आए 88 मामलों में से नौ का मौके पर निस्तारण हो पाया।
लालगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकतर मामले जमीन पर अतिक्रमण, पैमाइश और बिजली की समस्या से संबंधित आए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि विवादों का समय से स्थलीय सत्यापन कर निस्तारण कराएं। इसमें लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, समाधान दिवस पर नदौली करौदी गांव में कोटे की दुकान के आवंटन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। स्थानीय विद्युत उपकेंद्र के अधिकारियों पर लालगंज निवासी संतोष कुमार ने उत्पीड़न का आरोप लगाया। एक गांव के मामले में जिलाधिकारी ने लालगंज के प्रभारी निरीक्षक को पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। बरौंधा स्थित इंटरमीडिएट कॉलेज के लिए रास्ता बनाए जाने की मांग की गई। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने संबंधित विभाग के अधिकारी को शिकायतों का तय समय में निस्तारण पर जोर दिया। इस अवसर पर सीडीओ श्रीलक्ष्मी वीएस, उपजिलाधिकारी विजय नारायण सिंह, तहसीलदार शशांक शेखर राय, उमाशंकर सिंह, रेंजर केके सिंह, खंड विकास अधिकारी लालगंज शिव नारायण सिंह व हलिया के कुलदीप पटेल, थानाध्यक्ष लालगंज राम नारायण सरोज, जिला विद्यालय निरीक्षक आदि मौजूद रहे। उधर, ग्रामसभा घोरी निवासी सुनीता ने शिकायत की कि भूमिधरी जमीन पर कुछ लोग जबरन कब्जा कर रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि एक वर्ष से अधिकारियों के यहां चक्कर काट रही हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। आरोप लगाया कि तहसील के एक कर्मचारी की मिलीभगत से कुछ लोग जबरन जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। दूसरा मामला दरवान गांव निवासी सुदामा का था। वह पैर से दिव्यांग हैं और चार भाइयों में सबसे छोटे। उनके पिता गुलाब के नाम से दो बीघा पथरीली जमीन है। मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। सरकारी सुविधा के लिए उन्होंने आय प्रमाण पत्र बनवाया, लेकिन हल्का लेखपाल की तरफ से 48 हजार वार्षिक आय दिखा दी गई। चौथी बार आवेदन के बाद एसडीएम तहसीलदार से कम आय का प्रमाण पत्र बनाने की गुहार लगाई। इस शिकायत पर लेखपाल को चेतावनी दी गई कि जांचकर आय प्रमाणपत्र के लिए रिपोर्ट लगाएं। अधिकतर मामले राजस्व, पुलिस व विकास से संबंधित थे। देवरी कला गांव निवासी ग्राम प्रधान अखिलेश्वर पांडेय ने धंधरौल बांध या सोन लिफ्ट से मुख्य घाघर नहर में पानी छोड़ने की मांग की। उन्होंने बताया कि जलस्तर नीचे खिसकने से पेयजल का संकट पैदा हो गया है। तालाब, नदी व नाले सूख जाने से पशुओं के लिए पानी का संकट है। इस दौरान सीओ आपरेशन अजय राय, तहसीलदार फूलचन्द यादव, पूर्ति निरीक्षक विकास कुमार तिवारी, खंड विकास अधिकारी राजगढ़, इंस्पेक्टर शैलेश कुमार राय आदि मौजूद रहे।