लबालब भर चुका अहरौरा जलाशय छलकने की कगार पर है। 360 फीट क्षमता वाले अहरौरा बांध का जलस्तर गुरुवार की सांयकाल पांच बजे तक 358.4 फीट तक के जलस्तर रिकार्ड किया गया। स्थिति यही बनी रही तो जमालपुर के जलावगत क्षेत्र में अहरौरा जलाशय से छोड़े जाने वाला पानी तबाही मचा सकता है।
गुरुवार की सुबह ओवरफ्लो कर रहे डोंगिया जलाशय का पानी अहरौरा जलाशय में आ रहा था, तो आसपास के पहाड़ियाें के झील क्षेत्र का पानी मिला कर चार इंच प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोत्तरी जारी थी, लेकिन घंटे दर घंटे पानी की आवक में कमी होती गई, शाम होते होते जलस्तर में डेढ़ फीट का बढ़ोत्तरी हुआ। बता दें कि धान का कटोरा के नाम से विख्यात जमालपुर ब्लाक के कृषि क्षेत्रों के सिंचाई का अधिकांश भार अहरौरा जलाशय से सिंचाई के लिए छोड़े जाने वाले पानी पर निर्भर है, लेकिन बिना आवश्यकता का जलाशय से छोड़ा गया पानी फसलों के लिए जल तबाही बन कर बर्बादी मचाता है।
डोंगिया जलाशय से ओवरफ्लो कर रहे पानी तथा झील क्षेत्रों से अहरौरा जलाशय में जमा हो रहा पानी जमालपुर के 60 गांवों को जलमग्न कर सकता है, जिसमें भभौरा, मनई, देवरिल्ला, गुलौरी, चरगोड़ा, चौबेपुर, दोहरी, शिवपुर, गोड़सी, डबक, जफरपुरा, केशवपुर, बिसुनपुरा, भड़ेवल, रघुनाथपुर, खेमईबरी, मदरा, शाहपुर माफी सहिजनी हरदी सहित पांच दर्जन गांव शामिल हैं। अहरौरा जलाशय से पानी छोड़े जाने से लगभग 10 हजार एकड़ फसल बर्बादी की भेंट चढ़ सकते हैं। विभागीय सूत्राें की माने तो सात सितंबर तक 358 फीट तक का जलस्तर रिजर्व में संचित करके रखा जाना था, आठ सितंबर को जलस्तर 358 फीट से अधिक होने की स्थिति में विभाग के अधिकारियाें के माथे पर बल पड़ने शुरू हो गए हैं, हालांकि 360 फीट जलस्तर क्षमता वाले अहरौरा जलाशय को हल्की बरसात का सामना करना पड़ा तो फसलाें की बर्बादी का कहर जमालपुर ही नहीं बल्कि चंदौली जनपद तक सुनाई पड़ेगा।