डोंगिया जलाशय के छलके में शुक्रवार की दोपहर हुई मूसलाधार बारिश के चलते अहरौरा जलाशय को भी छलकने को मजबूर कर दिया। आलम यह रहा कि आनन फानन में अहरौरा जलाशय के दो गेटों को खोलकर एक फीट पानी स्केप किया जाने लगा। झील क्षेत्राें व डोंगिया जलाशय से पानी की आवक में हो रही बढ़ोत्तरी के चलते विभाग सकते में आ गया। निर्देश मिला कि जिस गति से पानी की आवक हो उसी गति से पानी को डिस्चार्ज किया जाए। संभावित बाढ़ के खतरे के मद्देनजर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास बदस्तूर जारी है।
360 फीट जलस्तर क्षमता का अहरौरा जलाशय गुरुवार की रात 359.5 तक जा पहुंचा था। जलस्तर के भारी दबाव के मद्देनजर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हायतौबा मची थी। हास्यास्पद स्थिति तो तब भी जब विभाग ने जिले के समस्त जलाशयों को पूरी क्षमता से लबालब भरने का निर्देश जारी रखा था, मसलन अहरौरा जलाशय को भी 360 फीट तक भर जाने के बाद ही स्केप किए जाने का आदेश था, लेकिन शुक्रवार की दोपहर हुई बारिश के चलते जलस्तर का संज्ञान लेने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता मिर्जापुर अशोक कुमार सिंह अहरौरा जलाशय पर पहुंचे।
हालत देखकर आनन-फानन में पानी डिस्चार्ज करने का आदेश जारी कर दिया। इस दौरान बाढ़ चौकियों पर मौजूद नोडल अधिकारियाें तक को भी सूचना नहीं दी गई। आदेश के अनुपालन में सिंचाई विभाग ने शुक्रवार को दोपहर दो बजे गेट नंबर-16 व 17 को एक-एक फीट तक खोलकर 700 क्यूसेक पानी स्केप करना शुरू कर दिया। पूछे जाने पर बताया कि डोंगिया और झील क्षेत्रों से पानी की आवक अहरौरा जलाशय में करीब 700 क्यूसेक है, आवक बढ़ी तो डिस्चार्ज भी बढ़ाकर किया जाएगा। विदित हो कि अहरौरा जलाशय से लगे डूब क्षेत्र के सैकड़ाें एकड़ फसलें जलमग्न हो गई।
आसपास के इलाकों के गांवों में बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। जलाशय का जलस्तर नहीं बढ़ा तो जमालपुर और चंदौली के इलाके बाढ़ से प्रभावित नहीं होंगे, लेकिन शनिवार की शाम तक अहरौरा जलाशय का पानी इन इलाकों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। गांव वाले मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं ताकि हालत बिगड़ने पर घर छोड़ सकें।