खेल में मुकाम बनाने के लिए बच्चे बचपन से ही मेहनत शुरू कर देते हैं कि समय आने पर वह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें पर इस समय कोरोना संक्रमण ने इन खिलाड़ियों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खास तौर से उन खिलाड़ियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा, जिन्हें कम उम्र के ट्रायल में शामिल होकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चयन खुद का साबित करना था। ट्रायल का मौका न मिलने से ऐसे खिलाड़ियों की मेहनत पर पानी फिर गया। विश्व में दिसंबर 2019 से कोविड संक्रमण शुरू हुआ। भारत में मार्च-अप्रैल तक कोविड फैल चुका था। इसके चलते लॉकडाउन लगा और सभी कार्यक्रमों को रद्द करना पड़ा। बच्चों और बुजुर्गों के लिए तो अलग गाइड लाइन थी। कोविड के चलते विभिन्न खेल और उनका ट्रायल बंद हो गया। ऐसे में बचपन से खेल की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को जिस दिन अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का इंतजार था, उनको उस समय मौका नहीं मिल सका। इसमें खास तौर पर अंडर-16 और अंडर 19 के खिलाड़ियों को नुकसान उठाना पड़ा। इसमें क्रिकेटर, फुटबालर और नेटबाल आदि खेल के खिलाड़ी हैं। जिनको कोविड के चलते नुकसान उठाना पड़ रहा है।