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किसान विरोधी नीतियों को कोसा

Thu, 16 Jul 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
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किसान महासभा, भाकपा माले, खेत और ग्रामीण मजदूर सभा के कार्यकर्ता बुधवार को 13 सूत्री मांगों को लेकर तहसील मुख्यालय पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन कार्यकर्ताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी व किसान विरोधी नीतियों के प्रति तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर असफल हैं।
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तहसील मुख्यालय पर आयोजित धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जहां केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण बिल लाकर किसानों की जमीन को हड़पना चाहती है, वहीं, सपा के शासनकाल में प्रदेश में अराजकता का माहौल है। बुधवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे तहसील मुख्यालय पहुंचे विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए हुंकार भरी।

 इस अवसर पर आयोजित सभा के दौरान मांग की गई कि लोहिया आवास में धांधली की जांच होनी चाहिए और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और कालाबाजारी को रोका जाए। मांग की कि रोजगार गारंटी कानून को लागू किया जाए और एक वर्ष में मनरेगा मजदूरों को 200 दिन काम जरूर मिले। सरकारी जमीनों पर से दबंगों का कब्जा हटवाया जाए, जमालपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक की तैनाती की जाए, समाजवादी पेंशन में हो रही धांधली को रोका जाए और इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और सूखा के चलते बर्बाद हुई फसलों का किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए और इसमें तहसील स्तर पर हो रही धांधली को रोका जाए।
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कार्यकर्ताओं ने मांग की कि जनपद के कोल, मुसहर, बियार जाति के लोगों को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए और दूसरे के इशारे पर काम कर रही पुलिस पर लगाम लगाया जाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भक्त प्रसाद श्रीवास्तव और संचालन रामकृत बियार ने किया। इस दौरान जमालपुर, अहरौरा, अदलहाट, बिक्सी, शेरवां, नरायनपुर आदि इलाकों से आए बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और महिलाएं उपस्थित थीं।
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