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Mirzapur News: गंगा स्नान के बाद लगाई भीम की फेरी फिर दी गई तुलसी माता को विदाई

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मिर्जापुर। कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित गंगा घाट श्रद्धालुओं से पटे रहे। भोर से शुरू हुआ स्नान-दान का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। इस अवसर पर जगह-जगह मेले का आयोजन किया गया। स्नान के पश्चात लोगों ने मेले में खरीदारी भी की।
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कार्तिक पूर्णिमा पर नगर के सभी घाट महिला श्रद्धालुओं से पटे रहे। सोमवार को भोर से शुरू हुआ स्नान का सिलसिला दाेपहर तक जारी रहा। विभिन्न गंगा घाटों पर पहुंची महिलाओं ने गंगा में स्नान कर भीम की फेरी लगाकर तुलसी माता को विदा किया। बरियाघाट, कचहरीघाट, फतहांघाट, पक्काघाट, सुंदरघाट, बाबाघाट, संकठघाट, नारघाट, ओलियर घाट सहित अन्य घाटों पर महिलाओं ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की। बरियाघाट व पक्काघाट पर मेले जैसा दृश्य था। सुबह वासलीगंज, बसनई बाजार व त्रिमोहानी मार्ग पर यातायात जाम के चलते राहगीर परेशान रहे। जिगना क्षेत्र के पश्चिम वाहिनी गंगा घाट हरगढ़, गोगांव, चेहरा काशीसरपत्ती, खैरा, मिश्रपुर, डंगहर, दुगौली, गौरा, चडैचा, नगवासी, नीबीगहरवार, नौगांव, नदिनी, बबुरा, जोपा आदि पर भोर से ही स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। विजयपुर स्थित मां शीतला तथा डेरवा स्थित दुलारो माता मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया।
कछवां क्षेत्र के गंगा घाटों पर लोगों ने गंगा में स्नान कर मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। भटौली पुल से बरैनी तिराहा तक काफी संख्या में लोगों ने मेले का आनंद लिया। पहाड़ी विकास खंड के चंडिका धाम, कनौराघाट, छटहां घाट, धरमदेवा सहित अन्य गंगा घाटों पर भोर से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। चुनार क्षेत्र के बावन जी घाट, शिवाला घाट, किला घाट, संतोषी माता मंदिर घाट, बालूघाट, रामघाट सहित अन्य गंगा घाटों पर काफी संख्या में स्नानार्थियों ने स्नान-दान कर पुण्य के भागी बने। नरायनपुर क्षेत्र के रैपुरिया स्थित गंगा घाट पर काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। इस दौरान पचमोहानी नरायनपुर से गंगा घाट तक दो किलोमीटर दूरी तक सड़क श्रद्धालुओं से पटी रही। उधर, कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मची रही। भोर में मंगला आरती के बाद से शुरू दर्शन-पूजन का सिलसिला रात तक अनवरत चलता रहा। किसी ने झांकी तो किसी ने गर्भगृह पहुंचकर माता के भव्य स्वरूप का दर्शन किया। इस मौके पर मंदिर को फूल, पत्तियों से भव्य रूप से सजाया गया था। लंबी कतारों में खड़े देवी भक्त मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कर मंगल कामना की। कालीखोह स्थित माता काली और अष्टभुजा देवी मंदिर भी श्रद्धालुओं से पटा रहा।
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