बार कौंसिल के आह्वान पर शुक्रवार को पूरे जिले में वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे।
जिला मुख्यालय पर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और टैक्सेशन बार एसोसिएशन के बैनर तले वकीलों ने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर वकीलों ने अपनी मांगों से संबंधित पत्रक भी जिलाधिकारी को सौंपा। उधर, चुनार तहसील में भी वकील आंदोलनरत रहे।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार त्रिपाठी और सचिव दिनेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में शुक्रवार को अधिवक्ताआें ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
बार कौंसिल आफ उप्र के आहवान पर अधिवक्ताओं ने कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में डीएम को ज्ञापन सौंपा तथा मांगों के समर्थन में ज्ञापन को प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास भेजे जाने का अनुरोध किया।
ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश में सरकार बनने के पूर्व चुनावी घोषणा पत्र में अधिवक्ताआें के कल्याणार्थ घोषित की गई योजनाओं के संदर्भ में गंभीरता पूर्वक निर्णय लिए जाने की मांग की गई।
इस मौके पर शिवकुमार सिंह, बैकुंठ नाथ त्रिपाठी, कृष्ण मोहन त्रिपाठी, अमानुल्लाह अंसारी, यशवंत सिंह, राजकुमार पांडेय, गुलाब अंबेड, गणेश दत्त तिवारी, महमूद हसन खां, अंजनी नंदन पांडेय, साबिर अली, राम सागर, दिनेश यादव, प्रवीण श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
इसी क्रम में जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान टैक्सेशन बार के सदस्यों ने कहा कि उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति लखनऊ द्वारा मृतक अधिवक्ता के आश्रितों को पांच लाख रुपये दिए जाने के प्राविधान को लागू किया गया है, उस आदेश को तुरंत कार्यान्वित किया जाए।
ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि उ.प्र. बार कौंसिल इलाहाबाद के आहवान पर अधिवक्ता सात मार्च को न्यायिक कार्य से विरत रहकर धरना-प्रदर्शन करते हुए उ.प्र. सरकार का पुतला दहन करेंगे।
इसके बाद भी यदि अधिवक्ताओं की मंागे पूरी नहीं होती तो 23 मार्च को न्यायिक कार्य से विरत रह कर विधानसभा लखनऊ में अधिवक्तागण धरना-प्रदर्शन कर घेराव करेंगे। इसके बाद भी यदि आवश्यकता हुई तो वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।
इस दौरान अध्यक्ष मनोज कुमार अग्रवाल, सचिव अमित श्रीवास्तव, विनोद श्रीवास्तव, नंदलाल सिंह, कवल चंद्र वर्मा, रामसकल सिंह, सुरेश कसेरा, अनिल कुमार, नवीन चंद्र श्रीवास्तव, नीरज त्यागी, संजीव श्रीवास्तव तथा कृष्ण कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।