मिर्जापुर। सीडीओ श्रीलक्ष्मी वीएस की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को मुख्यमंत्री के सर्वोच्च विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इस दौरान सीडीओ ने अधिकारियों को आगाह किया कि आईजीआरएस पर आई शिकायतों के निस्तारण की प्रगति खराब मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में आईजीआरएस पर आई शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई। सीडीओ ने कहा कि जिले की रैंकिंग खराब होने पर सबसे खराब निस्तारण अथवा डिफाल्टर वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी आईजीआरएस पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण तरीके से करें। उन्होंने यह भी कहा कि निस्तारण से शिकायतकर्ता संतुष्ट होना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कार्यों की खराब प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही निर्देश दिया कि सभी कार्यों में एक सप्ताह के अंदर बांड भरवाना सुनिश्चित करें तथा जो भी प्रक्रिया लंबित हो, उसे पूर्ण कराकर कार्य प्रारंभ कराना सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की प्रगति भी खराब मिली। लक्ष्य का 47 प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पूर्व में 15 हजार गोल्डन कार्ड प्रतिमाह बनाए जाते रहे हैं परंतु अब पांच हजार प्रतिमाह बनाए जा रहे हैं। उन्होंने सीएमओ से इसका कारण स्पष्ट करने का निर्देश दिया। साथ ही सम्बद्ध अस्पतालों तथा उन अस्पतालों में लाभान्वित लाभार्थियों की सूची भी उपलब्ध कराने को कहा। नसबंदी कार्य की प्रगति की समीक्षा के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य निर्देशित किया कि ऑपरेशन के लिए प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों को मेडिकल काॅलेज में शिविर लगाकर प्रशिक्षित कराएं।
उन्होंने प्राचार्य को संविदा पर चिकित्सकों की नियुक्ति संबंधी भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित समय में पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने 92 प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण होने पर नाराजगी जताई और शत प्रतिशत टीकाकरण कराने का निर्देश दिया गया। विद्युत निगम की समीक्षा के दौरान सीडीओ ने कहा कि नए शासनादेश में ग्राम पंचायतों में स्थित सरकारी भवनों के बिल का भुगतान ग्राम प्रधानों द्वारा ही किया जाना है। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को इस संबंध में प्रधानों को जागरूक करने का निर्देश दिया। वृक्षारोपण अभियान के तहत मात्र 71 प्रतिशत जियो टैंगिंग होने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही सबसे कम जियो टैगिंग करने वाले शिक्षा, पशु चिकित्सा, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम के अधिकारियों को शत प्रतिशत जियो टैगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। साथ ही आगाह किया कि शत प्रतिशत जियो टैगिंग नहीं होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।