रमई पट्टी स्थित आचार्य रामचंद्र शुक्ल स्मारक शिक्षण संस्थान में आचार्य शुक्ल की जयंती पर आयोजित
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आचार्य रामचंद्र शुक्ल मिर्जापुर के गौरव - रत्नाकर मिश्र
मिर्जापुर। आचार्य रामचंद्र शुक्ल स्मारक शिक्षण संस्थान के तत्वावधान में आचार्य शुक्ल की 142 वीं जयंती पर सोमवार को समारोह का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि आचार्य शुक्ल ने अपनी लेखनी से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया।
विशिष्ट अतिथि नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने कहा कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल मिर्जापुर के गौरव हैं। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार डॉ अनुज प्रताप सिंह ने कहा कि आचार्य शुक्ल ने आलोचना साहित्य को नई दिशा दी। वक्ता के रूप में डॉ. एसएन पाठक, प्रतिमा शर्मा, डॉ. अनुराधा ओस, शिव प्रसाद द्विवेदी, डॉ. ध्रुव कुमार ने अपना विचार व्यक्त किया और आचार्य शुक्ल के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। काव्य पाठ के क्रम में लल्लू तिवारी, डॉ. ऊषा कनक पाठक, डॉ सुधा सिंह, नंदिनी वर्मा, डॉली अग्रहरि, नंदलाल सिंह चंचल, विवेकानंद चौबे, विजय श्रीवास्तव और कृष्ण गोपाल वर्मा ने कविताएं सुनाईं। संचालन आनंद अमित ने किया। कवियों और वक्ताओं को अंगवस्त्र और सम्मान पत्र देकर मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया। मुख्य अतिथि दयाशंकर मिश्र, विशिष्ट अतिथि रत्नाकर मिश्र और मंचासीन अतिथियों का स्वागत आचार्य राम चंद्र शुक्ल स्मारक शिक्षण संस्थान के प्रबंधक राकेश त्रिपाठी ने अंग वस्त्र और स्मृति चिह्न देकर किया। इसके साथ ही इस वर्ष का आचार्य राम चंद्र शुक्ल सम्मान नागरी प्रचारिणी सभा वाराणसी के प्रधान मंत्री व्योमेश शुक्ल को प्रदान किया गया। कार्यक्रम में अच्युतानंद शुक्ल, राजेंद्र तिवारी, विमल कुमार तिवारी, रमेश चंद्र दुबे, राम जी तिवारी, अभिनव त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे। अंत में प्रबंधक राकेश चंद्र शुक्ल ने सभी का धन्यवाद प्रकट किया।