अपर जनपद न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद याचिका की निरस्त
मिर्जापुर। जिम में धर्मांतरण से जुड़े मामले के आरोपी फरीद अहमद की जमानत याचिका अपर जनपद न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम की अदालत ने निरस्त कर दी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के घंटाघर पक्की सराय निवासी फरीद अहमद ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। मामले में पुलिस ने केजीएन, आयरन फायर और बी फिट जिम को सील करते हुए जिम संचालक, ट्रेनर समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं पहले ही निरस्त हो चुकी हैं। मुख्य आरोपी समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं जनपद न्यायाधीश की अदालत से भी खारिज हो चुकी हैं। पुलिस मामले में आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल कर चुकी है।
सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि युवती ने तहरीर में आरोप लगाया था कि वह बी फिट जिम जाती थी, जहां फरीद अहमद ने उससे नजदीकी बढ़ाकर उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए तथा ब्लैकमेल कर रुपये वसूले। उन्होंने ऐसे मामले में जमानत न दिए जाने का अनुरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जनपद न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने फरीद अहमद की जमानत याचिका निरस्त कर दी।