Mirzapur News : पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कथित महिला पत्रकार प्रतीकात्मक विरोध कर जिला मुख्यालय पर पुन: धरने पर बैठ गई। इस दौरान महिला ने पुलिस पर खुद को फंसाने का आरोप लगाया और न्याय की मांग करने लगी। मामले पर कछवां थानाध्यक्ष अंजनी राय ने कहा कि ऐसा मामला हुआ ही नहीं है।
मिर्जापुर जिला मुख्यालय पर सोमवार को पुनः धरने पर बैठी कथित महिला पत्रकार ने फांसी लगाने की चेतावनी दी। कहा कि पुलिस उनका उत्पीड़न कर रही है और उनको गांजा के मामले में फंसाने की धमकी दे रही है। कथित महिला पत्रकार सरिता सिंह पटेल का आरोप है कि 20 नवंबर को मतदान के समय जब वह कवरेज करने गई तो पुलिस ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया, मारपीट की और थाने में उठा लाई। उसको पीटा जिससे वह अचेत हो गई। उसने छेड़खानी का भी आरोप लगाया।
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कहा कि जब उसे होश आया तो वह अपने घर चली गई और दूसरे दिन जिला मुख्यालय पर धरने पर बैठी। उसको कार्रवाई का आश्वासन दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह पुन अपने घर चली गई तो रविवार को एक महिला पुलिस उसके घर आई और उसको कहा कि जरा बाहर आ कर बात कर लो । जब वह बाहर आई तो पुलिस ने उसको एक बोरी के साथ खड़ा किया और फोटो खिंचवाया। आरोप लगाया कि उसने कट्टा दिखा कर कुछ कागजों पर दस्तखत भी कराया।
इतना देखकर वह चिल्लाने लगी तो पुलिस ने कहा कि तुमको गांजा में फंसा देंगे। लेकिन जब वह चिल्लाने लगी तो वहां से महिला पुलिस भाग गई। भागते समय उसकी टोपी और स्कार्फ वहीं रह गया। जो उसके पास है। उसने चेतावनी दी कि यदि उसके मांग पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह फांसी भी लगा सकती है। कछवा के थानाध्यक्ष अंजनी राय ने कहा कि वह इसको जानते ही नहीं और ऐसा कोई मामला ही नहीं हुआ की पुलिस ने मारा हो।