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खाते की साैदेबाजी : दो साल में 18 राज्यों से जिले के 8 म्यूल खाते में भेजे गए 10.31 लाख रुपये

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साइबर ठग हर दिन नए पैतरे अजमा रहे हैं। अब साइबर ठगों ने बैंक खातों को किराये पर लेना शुरू कर दिया है। इन खातों को साइबर ठग म्यूल खाते के रूप में इस्तेमाल करते हैं। जिले की साइबर सेल ने ऐसे ही 8 म्यूल खाताधारकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इन खातों में दो साल में 18 राज्यों के 55 जिलों में हुई साइबर ठगी के 10.31 लाख 710 रुपये भेजे गए हैं। इसमें यूपी के 19 जिले भी शामिल हैं, जहां से साइबर ठगों ने ठगी कर रुपये को इन खातों में भेजा है। पुलिस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच में जुट गई है।
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साइबर सेल के अनुसार, साइबर ठग पहले ठगी के रुपये को अपने खातों में मंगवा लेते थे। पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण और पकड़ने जाने के डर से इन्होंने अपना पैतरा बदल दिया है। ठगी के दौरान रुपये को खाते में लेने के लिए साइबर ठग म्यूल खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

यह होता है म्यूल खाता
म्यूल खाते का इस्तेमाल साइबर अपराधी और जालसाज गैरकानूनी तरीके से कमाए गए या ठगी के पैसे को प्राप्त करने और मनी लॉन्ड्रिंग करने के लिए करते है। इसके एवज में हर माह खाता धारकों को एक निश्चित धनराशि भी देते हैं। अमूमन साइबर ठग दस हजार रुपये महीने में साैदा करते हैं। जिले की साइबर सेल ने विभिन्न राज्यों और जनपदों से मिली शिकायत के आधार आठ खाता धारकों को चिह्नित किया है।
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इनसेट-
यहां के हैं खाता धारक
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के चार, सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के तीन, बबुरी थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति से साइबर ठगों ने खाते किराये पर लिए हैं। देश के 18 राज्य जिसमें आंध्र प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, उतराखंड, हरियाणा, कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, बिहार, ओडिशा शामिल हैं।

इनसेट
यूपी के इन जिलों से खाते में भेजे गए रुपये
साइबर ठगों ने उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में हुई साइबर ठगी के दौरान रुपये को जिले के आठ बैंक खाते में भेजे थे। इन खातों में यूपी के भदोही, बिजनौर, लखनऊ, इटावा, मुजफ्फरपुर, झांसी, वाराणसी, गोंडा, अलीगढ़, कानपुर, मुरादाबाद, आजमगढ़, प्रयागराज, आगरा, अंबेडकरनगर, हरदोई, हाथरस, गोरखपुर, बरेली जिले से ठगी के रुपये भेजे गए थे।

इनसेट
खाते में बदल देते हैं मोबाइल नंबर
पीडीडीयू नगर। दरअसल साइबर ठग हमेशा जरूरतमंदों को अपना टारगेट बनाते है। इसमें साइबर ठग मजदूर और कम लिखे लोगों को झांसा देकर उनके बैंक खातों को उनसे ले लेते है। खाते के इस्तेमाल के एवज में उन्हें हर महीने कुछ रुपये भी देते हैं। साइबर ठग सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर इन खातों मे अपडेट करा देते हैं। इसके बाद खाताधारक का एटीएम कार्ड अपने पास रख लेते हैं। खाते में रुपये आते उसे निकाल लेते हैं। हालांकि कुछ लोग रुपये आने पर खुद से ही खाते से रुपये निकाल कर भी देते हैं।

इनसेट
नौकरी का झांसा देकर खुलवाते हैं खाता
पीडीडीयू नगर। साइबर ठग कई बार लोगों को नौकरी का झांसा देकर भी खाता खुलवाते है। खासतौर पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर यह सबसे अधिक होता है। इसमें साइबर ठग सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के नाम पर खाता खुलवाते है और उनके खाते की पासबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लेते हैं। उसका इस्तेमाल साइबर ठगी में करते हैं।

सावधानी ही सुरक्षा
अपने बैंक एकाउंट के प्रति हर किसी को सतर्क रहना चाहिए। यदि कोई नौकरी का लालच देकर आपका बैंक पासबुक अपने पास रखता है और एटीएम अपने पास रखकर लेन-देन करता है तो उसे ऐसा न करने दें। इसकी शिकायत समीप के थाने में अथवा साइबर सेल में करें। समय समय पर अपने बैंक पास बुक को अपडेट कराते रहे। उसमें किसी प्रकार के संदिग्ध लेन देन मिलने पर इसकी शिकायत बैंक से करें। एसपी आकाश पटेल ने कहा कि सावधानी से ही साइबर ठगों से बचा जा सकता है। थोड़े से पैसों के लालच में आकर यदि कोई अपना बैंक एकाउंट दूसरे को उपयोग के लिए देता है और उससे साइबर ठगी होती है तो बैंक खाता धारक के खिलाफ कार्रवाई होगी। वह बिना कुछ पकड़ा जा सकता है और उसे सजा हो सकती है।

कोट
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म्यूल खातों का इस्तेमाल साइबर ठग करते हैं। इनके टारगेट पर जरूरतमंंद लोग होते हैं। ठगी में खातों के इस्तेमाल होने के कारण ये लोग आरोपी बन जाते है। लोगों से अपील है कि चंद रुपयों की लालच में अपना खाता किसी को भी किराये पर न दें। आकाश पटेल, पुलिस अधीक्षक, चंदौली
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