नगर में सीवर व जलापूर्ति की व्यवस्था के बाबत पाइप लाइन डालने के लिए कई सड़कें खोद दी गई हैं। सड़कों की खोदाई के कारण कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित हो रहा है। बारिश होने के कारण नगर क्षेत्र में चारो तरफ कीचड़ हो जा रहा है। आधा-अधूरा काम होने के कारण नागरिकों का घर से निकल पाना मुश्किल हो जा रहा है।
नगर में अमृत योजना के तहत सीवरेज व पेयजल आपूर्ति के लिए सड़कों को खोदकर पाइप लाइन डाली जा रही है। इसके तहत पूरे नगर पालिका क्षेत्र के घरों को सीवर लाइन से जोड़ा जाना है। इसके लिए शासन की ओर से 338 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है। स्वीकृत योजना के तहत पूरे नगर में 228 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डाली जानी है। इसमें से विंध्याचल में 25 किलोमीटर तथा नगर में 203 किलोमीटर पाइप लाइन डाली जानी है। पाइप लाइन डालने के कार्य फिलहाल जारी है। नगर क्षेत्र में पाइप लाइन डालने का कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा कराने का लक्ष्य है। योजना के तहत पाइप लाइन डालने के लिए कमोवेश पूरे नगर में सड़कें खोद दी गई हैं। चाहे वासलीगंज, रमईपट्टी पक्का पोखरा मार्ग हो या फिर फतहां सिविल लाइन। यही नहीं, नगर को वाराणसी एवं सोनभद्र जिले से जोड़ने वाले भरूहना मार्ग पर भी काम चल रहा है और पाइप लाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई कर दी गई है। एक साथ सभी जगह काम शुरू किए जाने से लोगों को आवागमन में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में हर जगह धूल उड़ता था और अब बरसात में कई मार्गों पर कीचड़ लग गया है। कई जगह तो सड़कें खोदकर वैसे ही छोड़ दी गई हैं। सीवर लाइन के कार्य के लिए अब तक 88 करोड़ रुपये अवमुक्त किए जा चुके हैं। नगर में पेयजल व्यवस्था के लिए पाइप लाइन बिछाई जा रही है। जहां पाइप लाइन पड़ गई है, वहां पटरियों पर अब ऊपर से इंटरलाकिंग की जा रही है। पटरियों पर इंटरलाकिंग ब्रिक्स लगाने के बाद मलबा घरों के सामने ही छोड़ दिया जा रहा है। इससे लोगों का घरों से निकल पाना मुश्किल हो जा रहा है। वासलीगंज के घास वाली गली में ब्रिक्स लगाने का भी काम आधा-अधूरा किया गया है। बरसात की वजह से घरों के सामने पड़े मलबों से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलापूर्ति की व्यवस्था के लिए नगर में 210 किलोमीटर पाइप लाइन बिछायी जानी है। इनमें से अधिकांश कार्य कर लिए गए हैं। इसके लिए 193 करोड़ रुपये बजट आवंटित किया गया है। इसमें से 89 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए गए हैं। यह कार्य मार्च 2022 तक पूरा होना था, लेकिन अब इसे दिसंबर तक पूरा किए जाने की उम्मीद है। जल निगम के परियोजना प्रबंधक संजय कुमार का कहना है कि अमृत योजना के तहत सीवर व पेयजल पाइप लाइन का कार्य किया जा रहा है। ये कार्य तीन चरणों में हो रहे हैं। कार्य शीघ्र ही पूरा होने की संभावना है। कार्य की गुणवत्ता पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।