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उग-उग ए सूरज देव भइल अरघ के बेर...

Mon, 07 Nov 2016 11:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
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नगर के बरियाघाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए उमड़ी भीड़।
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उग-उग ए सूरज देव भइल अरघ के बेर...जैसे गीतों को गाकर कमर तक गंगा में खड़ी व्रती महिलाओं ने सोमवार की तड़के सूर्योपासना की। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सोमवार को व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ की पूजा पूरी की।  
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   उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाएं परिवार के सदस्यों के साथ भोर से ही गाजे-बाजे के साथ घाटों पर पहुंच गई थीं।  गंगा घाटों पर भोर से ही अर्घ्य देने के लिए महिलाओं का तांता लगा रहा।

   सूर्योपासना का महापर्व डाला छठ, उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पूजन-अर्चन के साथ सोमवार को संपन्न हो गया। भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए  नगर के बरियाघाट सहित समस्त  गंगा घाटों पर आस्था का   समंदर उमड़ पड़ा।
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   भोर में नगर के बरियाघाट, पक्काघाट, सुंदरघाट, कचहरी घाट, दाऊजी घाट सहित कई अन्य गंगा घाटों पर सूर्य भगवान को अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाओं का रेला उमड़ पड़ा। गंगा जल में खड़ी व्रती महिलाओं तक जैसे ही भगवान सूर्यदेव की पहली किरण पहुंची, अर्घ्य देने का क्रम शुरू हो गया। महिलाएं रात्रि जागरणके बाद भोर में ही गंगा घाटों पर सूर्य को अर्घ्य देने के लिए गाजे-बाजे के साथ पहुंच गई थीं।

भोर में पांच बजते-बजते समस्त गंगा घाट महिलाओं से पट गए थे।सूर्यदेव को अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाओं सहित उनके परिवार के सदस्य भी गाजे-बाजे के साथ सिर पर दउरा में   पूजन सामग्रियां लेकर गंगा घाटों पर पहुंचे थे।  

सूर्योदय के पूर्व ही व्रती महिलाएं पानी में सूप लेकर खड़ी हो गई थीं। सूर्य की पहली किरण फूटते ही दूध व गंगा जल से सूर्य को अर्घ्य देने का सिलसिला शुरू हो गया। सूर्य भगवान को अर्घ्य देने के साथ ही महिलाओं ने व्रत पूर्ण कर अपने बड़ों से आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

नगर के समस्त गंगा घाटों पर  पुलिस प्रशासन की तरफ से चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे।   विंध्याचलः विंध्याचल के गंगा घाटों पर उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाओं का रेला उमड़ पड़ा। सोमवार की भोर में विंध्याचल के पक्काघाट, दीवानघाट, अखाड़ा घाट, गुदारा घाट आदि घाटों पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाओं का तांता लगा रहा। घाटों दउरा में पूजन की सामग्रियों को लेकर पहुंची थीं।
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