मिर्जापुर। विश्वविद्यालय में भय मुक्त कैंपस बनाने के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने मुख्य परिसर के बाद राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में भी सिक्योरिटी बटन की सुविधा को शुरू करने का निर्णय लिया है। 18 नवंबर को इसका शुभारंभ दक्षिणी परिसर में होगा। इसके बाद छात्राएं इसकी मदद ले सकती हैं। बीएचयू में छेड़खानी की घटना में त्वरित सुरक्षा नहीं मिलने पर विश्वविद्यालय के नमस्ते बीएचयू मोबाइल एप पर तीन सितंबर को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने इमरजेंसी सेफ्टी बटन की शुरुआत की। इसके माध्यम से छात्राओं को आपातस्थिति में त्वरित सहायता मिल सके। इस बटन को दबाते ही विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड के कंट्रोल रूम को लोकेशन सहित अलर्ट प्राप्त होता है। तत्काल अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर सहायता प्रदान करते हैं। इस पहल के तत्काल बाद छात्राओं ने इसका व्यापक उपयोग किया और सिर्फ पहले महीने में ही 108 बार बटन दबाया गया। जिससे विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता साबित हुई। इस सफलता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस सुविधा को अब राजीव गांधी साउथ कैंपस बरकछा में भी लागू करने का निर्णय लिया है। राजीव गांधी साउथ कैंपस वाराणसी मुख्य परिसर से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है। यह कैंपस लगभग 2700 एकड़ में फैला है। जो मिर्जापुर शहर से आठ किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में रॉबर्ट्सगंज राजमार्ग पर स्थित है। यहां कृषि विज्ञान केंद्र के साथ-साथ शैक्षणिक भवन, लैबोरेटरी, छात्रावास, प्रशासनिक कार्यालय और एक केंद्रीय पुस्तकालय भी उपलब्ध है। जहां लगभग 1773 विद्यार्थी हैं। इसमें 732 छात्राएं भी शामिल हैं। जिनकी सुरक्षा संबंधित सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 18 नवंबर को सुरक्षा बटन दक्षिणी परिसर में भी उपलब्ध होगा। यहां की छात्राएं भी नमस्ते बीएचयू ऐप डाउनलोड कर आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त कर सकेंगी। उप मुख्य सुरक्षाधिकारी डॉ. मनोज मिश्रा ने बताया कि ऐप में दक्षिणी परिसर की छात्राओं का डाटा मौजूद है। छात्राएं ऐप डाउनलोड कर अपना मोबाइल नंबर डालकर पंजीकृत हो जाए। पैनिक बटन दबाते ही पास के सुरक्षा गार्ड और फैंटम टीम मौके पर पहुंचकर मदद करेगी।