जिगना। मुडुवान गांव में मंगलवार की सुबह जमीन पर गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। शव खेत में पड़ा रहा। मरम्मत करने आए लाइनमैन ने जाते समय बताया कि खेत में कोई गिरा पड़ा है। परिजन मौके पर पहुंचे तो शव दिखा। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने में जुटी थी, उस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने मौके पर विद्युत निगम के अधिकारियों बुलवाकर मुवावजा दिलाने की मांग करते हुए शव ले जाने से रोक लिया। शाम करीब पांच बजे थानाध्यक्ष शैलेश कुमार राय के समझाने पर शव को पुलिस को सौंपा।
जिगना थाना क्षेत्र के मुडुवान गांव निवासी हरिशंकर गौड़ (45) मंगलवार की सुबह सात बजे घर से मवेशियों के लिए चारा काटने दक्षिण तरफ जा रहे थे। लगभग 100 मीटर दूरी पर रास्ते में बिजली का तार टूटकर गिरा था। तार पर पैर पड़ने से करंट की चपेट में आकर हरिशंकर धान के खेत में गिर गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह करीब साढ़े 10 बजे बिजली का तार जोड़ने मांडा रोड पावर हाउस के लाइन मैन पहुंचे। तार जोड़कर जाने लगे तो जानकारी दी कि रास्ते के बगल धान के खेत में एक आदमी गिरा पड़ा है। सूचना पर पहुंचे ग्रामीण और परिजन वहां पहुंचे तो हरिशंकर गौड़ मृत अवस्था में पड़े हुए थे। भाई मुकेश कुमार की सूचना पर मौके पर पहुंचे उप निरीक्षक सुशील त्रिपाठी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। हरिशंकर कबाड़ आदि का काम करते थे। उनसे चार पुत्र शनि, रितेश, शिलम व रवि हैं। मौत की जानकारी मिलने पर पत्नी सुधा देवी गिरकर बेहोश हो गईं। थानाध्यक्ष शैलेश कुमार राय ने बताया कि करंट की चपेट में आने से मौत हुई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।