थाना क्षेत्र के थानापुर गांव में रविवार की सुबह छह बजे भूमि विवाद में खेत से लौट रहे एक किसान की विपक्षियों ने लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी। किसान का बचाव करने आई उनकी पत्नी, पुत्र और भतीजियों की भी पिटाई की गई। गंभीर रूप से घायल पत्नी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वारदात की सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई। पुलिस ने हत्या के आरोपी 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्षेत्र निवासी दलशृंगार पटेल का दो वर्ष पूर्व से छह बिस्वा भूमि को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार की सुबह दलशृंगार खेत में गोबर फेंक कर वापस घर आ रहे थे। रास्ते में पट्टीदार लल्लन पटेल और उनके परिवार के लोगों ने लाठी-डंडा से दलशृंगार पटेल (58) पर हमला कर दिया। इस दौरान बीच बचाव करने आई दलशृंगार की पत्नी राधिका (56) की भी आरोपी पिटाई करने लगे। पिता पर हमले की सूचना पर बचाव करने पहुंचे पुत्र पिंटू (35), मनोज (30) तथा भतीजी हेमा (15) पुत्र राजकुमार और नेहा (12) की भी बेरहमी से पिटाई की गई। हमले में दलशृंगार लहूलुहान हो गए। परिजन उनको उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डाक्टर ने दलशृंगार को मृत घोषित कर दिया। पत्नी राधिका की हालत गंभीर होने पर मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया। पिंटू व मनोज का उपचार पड़री अस्पताल में चल रहा है। लाठी से हमला कर हत्या करने की सूचना पर थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। उधर परिजन हत्यारोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना पर एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा, सीओ सदर शैलेंद्र त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे। उच्चाधिकारियों द्वारा कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन शांत हुए। मृतक के पुत्र पिंटू की तहरीर पर पुलिस ने 11 लोगों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर सात लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में संजय, लल्लन, अखिलेश, कल्लन, सोनू, माधूरी और रन्नो है। वहीं रामा, नान्हक, शिवकुमार और राजू फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
इंसेट
पुलिस समय से करती कार्रवाई तो न होती हत्या
पड़री। मृत किसान दलशृंगार के लड़के पिंटू द्वारा बताया गया की जमीन का विवाद विगत कई वर्षों से पट्टीदार लल्लन पुत्र भग्गू से चल रहा था, जिसके निराकरण के लिए पड़री पुलिस कई बार मौके पर गई। उस जमीन की पक्की पैमाइश राजस्व विभाग द्वारा किया जा चुका था। कुछ ही दिनों में राजस्व विभाग द्वारा नियमानुसार सीमांकन करने की बात चल रही थी। सीमांकन होने के बाद यह पूरी तरह से साफ हो जाता कि यह जमीन किसकी है। पिंटू ने बताया कि जमीन का फैसला कोर्ट द्वारा उसके पिता के पक्ष में हो चुका है। सीमांकन की कार्रवाई पूर्ण न हो इसलिए विपक्षियों ने उसके पिता की योजना के तहत हत्या कर दी। मृतक का छोटा पुत्र मनोज दिव्यांग है। मनोज रोते हुए अपने पिता के शव को देखते हुए यही कहता रहा कि पड़री पुलिस चाहती तो आज उसके पिता की हत्या न हुई होती। पुलिस इस मामले से पूर्ण रूप से अवगत थी लेकिन एक पक्षीय कार्रवाई से हत्यारों को बल मिलता गया, जिसके परिणामस्वरूप उसके सिर से पिता का साया हट गया।
..........................................
एक दिन पूर्व भी हुआ था विवाद
पड़री। घटना के एक दिन पहले उसी जमीन को लेकर विवाद हुआ था। जमीन में बांस व करौंदा लगा हुआ था। दलशृंगार का बड़ा पुत्र पिंटू बांस काटने और करौंदा तोड़ने गया तो विपक्षी लोगों द्वारा न तोड़ने की बात कही गई, जिस पर पिंटू वापस घर लौट आया। उसने यह बात अपने पिता से बताई, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी।
वर्जन
भूमि विवाद में एक पक्ष ने लाठी से हमला कर अधेड़ की हत्या कर दी है। आरोपितों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कुछ आरोपी पकड़े गए हैं। अन्य की तलाश की जा रही है। जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
संजय कुमार वर्मा, एएसपी सिटी