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आफिसर कॉलोनी में दबंगई, सामान फेंका

Fri, 17 May 2013 05:30 AM IST
Mirzapur
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मिर्जापुर। डीएम आवास के बगल में स्थित ट्रांजिट हास्टल में गुरुवार पूर्वाह्न अजीबोगरीब स्थिति थी। जिले के आला अधिकारियों के बीच पैठ बनाने वाले एक अधिकारी की दबंगई का शिकार सहायक श्रमायुक्त (एएलसी) का परिवार हो गया। सरकारी आवासीय परिसर में स्थित मोटर गैरेज पर कब्जा करने के लिए न सिर्फ ताला तोड़ा गया बल्कि उसमें रखे एएलसी का सारा सामान बाहर फेंक दिया गया। कालोनी में रह रहे अन्य अधिकारियों के परिजनों का कहना है कि अधिकारी से ज्यादा उनकी पत्नी दबंग है। वह खुद को सत्ताधारी दल के एक चर्चित विधायक का रिश्तेदार बताकर पूरी कालोनी में रौब गालिब करती हैं।
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डीएम आवास से लगे ट्रांजिट हास्टल में गैरेज पर कब्जे को लेकर अफसरों के बीच तनाव की नौबत आ गई है। आवास अधिक व गैरेज कम होने के कारण गाड़ियों को खड़ा करने को लेकर कालोनी में आए दिन अफसरों के बीच किचकिच होती रहती है। अफसर से ज्यादा उनकी पत्नियां कब्जे को लेकर तानाबाना बुनती रहती हैं। कहा जा रहा है कि कुछ अधिकारी तो ऐसे हैं जो दो-दो गैरेजों पर काबिज हैं। एक गैरेज में उनकी सरकारी गाड़ी तो दूसरे में निजी कार खड़ी रहती है।
दरअसल उक्त गैरेज पर जिला प्रोबेशन अधिकारी का कब्जा था। दो दिन पहले ही वह गैर जनपद स्थानांतरित होकर चले गए और चाबी सहायक श्रमायुक्त पंकज राणा को सौंप गए थे। गैरेज का आवंटन नहीं होता है, इसलिए पंकज ने भी चाबी मिलने पर उसमें अपना सामान रख दिया था। गुरुवार को वह संतरविदास नगर के सुरियावां में हुई घटना की जांच के सिलसिले में गए थे।
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उसी दौरान कालोनी में ही रहने वाले एक अधिकारी व उनकी पत्नी एएलसी के घर पर पहुंचीं और गैरेज की चाबी मांगने लगीं। चाबी नहीं मिला तो गाली-गलौज करते हुए ताला तोड़कर उसमें रखा सारा सामान बाहर फेंककर गैरेज पर कब्जा कर लिया। एएलसी ने फोन पर बताया कि उनकी अनुपस्थिति में उनके घर पहुंचे लोगों ने पत्नी व बच्चों को गाड़ी से कुचलने की धमकी दी और दुर्व्यवहार किया। एएलसी ने कहा कि वह वापस आने पर इसकी लिखित शिकायत डीएम व मंडलायुक्त से करेंगे।
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