अहरौरा। शिक्षा को पटरी पर लाना होगा। संविदा पर 50-60 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्रति सौ बच्चों पर एक शिक्षक तैनात किए जाएंगे। शिक्षा विभाग पुलिस मिलिट्री नहीं, अपितु निर्माण की एक संस्था। यह बातें शुक्रवार को पत्रकाराें से मुखतिब होते हुए बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री राम गोविंद चौधरी ने बताई।
हिंदी तथा अंग्रेजी में समानता लाने के मामले में उन्होंने बताया कि आज भी हिंदी हमारी प्राथमिकता है। इस सत्र में मात्र महिला शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण पर जवाब देते हुए कहा कि अगले सत्र में पुरुष शिक्षकों का अंतरजनपदीय स्थानांतरण किया जाएगा। इसके अलावा शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन एवं गुणात्मक सुधार का जवाब देते हुए कहा कि करूंगा तो नजर आएगा, इसे लिखने की जरूरत नहीं। शासन की मंशा और किए गए कार्यों की प्राथमिकता गिनाते हुए कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री बिजली और पानी के अलावा शिक्षा के लिए सतत् प्रयत्नशील हैं। साधन संपन्न छात्रों में समानता लाने के लिए गरीबों को लैपटाप मुहैया कराया। श्री चौधरी ने बताया कि मजदूर वर्ग के लोगों को जल्द ही साइकिल तथा गरीबी के कारण तन ढकने के लिए माताओं और बहनों को वस्त्र, मजदूरों को कंबल, किसानाें की कर्जमाफी तथा मुफ्त बिजली दिए जाने की व्यवस्था प्रक्रिया में है। अपने राजनैतिक सफर की बात बताते हुए कहा कि सन् 1977 से लेकर अब तक दर्जन भर मुख्यमंत्री के साथ काम करने का मौका प्राप्त हुआ है लेकिन आज शिक्षा में व्यापक परिवर्तन हुआ है, इसको महसूस किया जा सकता है। श्री चौधरी ने बताया कि जनता से किए गए वादे का साठ प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। आने वाले दिनों में जनता के सभी वादों को पूरा करने की व्यवस्था की जा रही है।