चुनार। केंद्र और राज्य सरकारें गंगा नदी से मिलने वाले खनिज बालू एवं मिट्टी से पैसा कमाने में लगी हैं। वह नहीं चाहती कि गंगा का पानी निर्मल, सेहतमंद और अविरल रहे। जिस प्रकार जमीन पर किसान का, मंदिर पर पुजारी का, वन पर वनवासियों का हक है उसी प्रकार गंगा के पानी और बालू पर निषाद समाज का हक होना चाहिए। यह कहना था भाजपा के फायरब्रांड नेत्री उमा भारती का।
सुश्री भारती गंगा यात्रा के दौरान बुधवार को दोपहर में बालूघाट स्थित निषादराज पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रही थीं। निषाद राज को माल्यार्पण के बाद सुश्री भारती ने उपस्थित जनसमूह का आह्वान करते हुए कहा कि दम तोड़ती गंगा को बचाने के लिए पूरे देश की जनता को संकल्प लेना होगा तभी पुन: गंगा अविरल बहेंगी और पानी निर्मल होगा। मोक्ष एवं निर्मल जल प्रदान करने वाली गंगा मैली हो गई है। इसका पानी न पीने योग्य है न आचमन के लायक। जगह जगह इसकी धारा को अवरुद्ध कर दिया गया है। इसके लिए जन आंदोलन करना होगा तभी इसका पानी पुन: अमृत के समान बनेगा।
इतिहास बताता है कि पतितपावनी गंगा से मिलने वाले खनिज पर पहले सिर्फ निषादों का हक होता था। अब उस पर खनन माफियायों का कब्जा है। यह गंगा यात्रा इसलिए की जा रही है कि देश की जनता गंगा के निर्मलीकरण के लिए जागरूक हो। सुश्री भारती ने उपस्थित जनसमूह को संकल्प दिलाया कि वह गंगा के निर्मलीकरण के लिए चलाए जा रहे अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेंगे।
इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं महिलाआें, छात्राओं ने सुश्री उमा भारती का स्वागत पुष्पवर्षा कर किया और स्मृति चिह्न प्रदान किया। इस दौरान भाजपा नेता अनुराग सिंह, महंत राम मंदिर डा. गणेश प्रसाद मिश्र, विजय वर्मा, सुदामा देवी, बचाऊलाल सेठ, विजय बहादुर सिंह, औषधीश रस्तोगी, आनंद प्रसाद अग्रवाल, शिवप्रसाद निषाद, शंकरलाल निषाद, नंदकिशोर तिवारी, मुनीन्द्र नाथ पाण्डेय, डा. बगलेश पाण्डेय सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता एवं आमजन मौजूद रहे।