मिर्जापुर। जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में कई विभागों के अधिकारियों के नदारद रहने पर बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद बाल कुमार पटेल क्षुब्ध हो उठे। उन्होंने कहा कि लापरवाह अधिकारी अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं। शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधित बैठकों में गैरहाजिर रहने की प्रवृति ठीक नहीं है।
विकास भवन सभागार में मंगलवार को हुई जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में बाण सागर से किसी अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी व सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर सांसद श्री पटेल ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा अगली बैठक में यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी अधिकारी उपस्थित रहें, अन्यथा उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। सदस्य बृजेश शुक्ल ने प्राकृतिक पर्यावरण विकास समिति को वर्ष 2009-10 में दी गई धनराशि तथा कराए गए कार्यों की जांच के बारे में पूछा। इस पर डीएम ने जिले की तीन सदस्यीय समिति तथा नेशनल कमेटी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी गोविंद राजू ने मनरेगा में लघु सिंचाई द्वारा बनाए गए बंधियों-बंधों की भी सूची देने को कहा। बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए 1697.88 लाख रुपये परिव्यय निर्धारित था, जिसके सापेक्ष 867.53 लाख रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि 250 से अधिक आबादी वाले नक्सल प्रभावित ग्रामों को मुख्य सड़क से जोड़ा जाना है इसके लिए सदस्यगण सूची उपलब्ध करा दें। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वर्ष 2012-13 में इंटीग्रेटेड एक्शन प्लान के तहत मिर्जापुर का चयन किया गया है। इस योजना में वर्ष 2012-13 में स्वीकृत दो सौ नए हैंडपंपों के लिए 100.50 लाख परिव्यय के सापेक्ष 51.36 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं। ग्राम स्वच्छता योजना के तहत वर्ष 2012-13 में 3097 बीपीएल एवं 310 एपीएल परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का लक्ष्य है, जिसके लिए 72.79 लाख रुपये अवमुक्त हुए हैं। इसी प्रकार मनरेगा योजना में वर्ष 2012-13 के लिए अब तक 899.91 लाख रुपये केंद्रांश तथा 99.99 लाख रुपये राज्यांश के रूप में प्राप्त हुए हैं। अंत में बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद बाल कुमार पटेल ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान मडि़हान के विधायक ललितेशपति त्रिपाठी, नगर विधायक कैलाश चौरसिया के प्रतिनिधि, समिति के सदस्य, परियोजना निदेशक, डीआरडी के निदेशक, जिला विकास अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, जल निगम, आरईएस, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, सहित कई अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।