मिर्जापुर। कुपोषण की समस्याओं का समाधान युद्ध स्तर से किया जाए। जिले के प्रत्येक अधिकारी कुपोषित व अति कुपोषित दो-दो गंावों को गोद लेकर कुपोषण की समस्या को दूर कराएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह बातें जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह ने शनिवार को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में कहे।
डीएम ने कहा कि कुपोषण के समाधान के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जाए, जो भी बच्चा कुपोषित पाया जाए उसे तत्काल संबंधित नजदीकी अस्पताल में चेक कराया जाए। डीएम ने गांवों में स्वच्छता के लिए स्वास्थ्य समितियों की बैठक बीडीओ के साथ कराने और उसमें राजस्व, आशा सहित जिला स्तरीय अधिकारी को उपस्थित रहने को कहा। जिला कार्यक्रम अधिकारी इंदू मिश्रा ने बताया कि पहले चरण में तीन वर्ष के भीतर सूखा रोग व बौनापन की समस्या में पांच प्रतिशत की कमी लाना है। दूसरे चरण में चार प्रतिशत और तृतीय चरण में 10 प्रतिशत की कमी लाना है। कार्यशाला में एडीएम वित्त व राजस्व डीएस उपाध्याय, सीएमओ आरसी गुप्ता, प्रभारी सीडीओ राजीव वनकटा सहित सीडीपीओ आदि उपस्थित रहे।