मिर्जापुर। नगर के पथरहिया स्थित आयुक्त कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मंडलायुक्त अनिल कुमार सिंह ने विकास कार्यों व राजस्व वसूली की खराब प्रगति पर सात अधिकारियों को प्रतिकूल टिप्पणी देने का निर्देश दिया। उन्होंने पांच अधिकारियों को चेतावनी और 12 से अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया।
समीक्षी बैठक के दौरान मंडलायुक्त विभागीय अधिकारियों को विकास कार्यों व राजस्व वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया। कहा कि सभी मुख्य विकास अधिकारी मातहतों को तहसील दिवस पर संबंधित रजिस्टर के साथ विभागीय सूचनाएं लेकर आने का निर्देश देने के लिए कहा। ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्र्देश दिया। मंडलायुक्त ने विकास कार्यों व राजस्व वसूली में खराब प्रगति वाले विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही संबंधित विभागों के मंडल स्तरीय अधिकारियों को लापरवाही बरतने वालों चिह्नित कर प्रतिकूल टिप्पणी देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मंडलीय अधिकारी जनपदों का भ्रमण करें और उसकी रिपोर्ट अपर आयुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करें। अपर जिलाधिकारी को तहसील दिवस में आने वाली शिकायतों के निस्तारण के बाद संबंधित फरियादी को वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए भी कहा। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को कुछ प्रार्थना पत्रों की रेंडम जांच कर निस्तारण की स्थिति से अवगत कराने का निर्देश भी दिया। उन्होंने गांव में जिस विभाग से संबंधित अधिक शिकायतें आ रही हैं, संबंधित विभागों के अधिकारियों की सूची बनाकर दंडित करने के लिए भी कहा।
मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त को विकास कार्यों में खराब प्रगति रहने पर विद्युत निर्माण के अधीक्षण अभियंता, अधीक्षण अभियंता विद्युत (नगर), सोनभद्र के विद्युत अधीक्षण अभियंता, भदोही के आरईएस के अधिशासी अभियंता, जल निगम के अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल टिप्पणी देने का निर्देश दिया। इसी प्रकार कर एवं करेत्तर में खराब प्रगति को गंभीरता से लेते हुए मिर्जापुर के एआरटीओ व आबकारी उपायुक्त को भी प्रतिकूल टिप्पणी देने का उन्होंने अपर आयुक्त को निर्देश दिया। खराब कार्यों के कारण यूपीपीसीएल के अधिशासी अभियंता, आरटीओ, उप निदेशक समाज कल्याण व ज्वाइंट कमिश्नर को उन्होंने चेतावनी दी। इसके अलावा उन्होंने अपर निदेशक चिकित्सा के विरुद्ध शासन को पत्र लिखने का निर्देश दिया। मंडलायुक्त ने सहायक श्रमायुक्त से स्पष्टीकरण भी तलब किया। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी भी दी।
बैठक में मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र के डीएम, तीनों जिलों के सीडीओ, एडीएम के अलावा अलग-अलग विभागों के मंडल स्तरीय अधिकारी भी मौजूद थे।