विंध्याचल। बिजली-पानी और साफ-सफाई की मांग को लेकर गुरुवार को विंध्यधाम वासियों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब डेढ़ हजार की संख्या में विंध्याचल के लोग दिन में 11 बजे अमरावती चौराहा पहुंच कर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। करीब ढाई घंटे तक चले चक्काजाम के दौरान शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। चक्काजाम स्थल पर पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट ने एक हफ्ते में व्यवस्था सुधार का आश्वासन दिया, इसके बाद जाम समाप्त हुआ।
समस्याओं के समाधान के लिए आमजन, तीर्थ पुरोहित, दुकानदार सभी ने अमरावती चौराहा पहुंचकर चक्का जाम कर जोरदार हुंकार भरी। बिजली-पानी को लेकर गुरुवार को विंध्याचल बंद के आह्वान के चलते धाम क्षेत्र की समस्त दुकानें बंद रहीं। न्यू और पुरानी वीआईपी रोड सहित बच्चा पाठक की गली, थाना रोड, जैपुरिया गली, पक्काघाट गली, बच्चा पाठक की गली स्थित खानपान सहित प्रसाद/चुनरी की भी दुकानें बंद रहीं। इसके अलावा बरतर चौराहा से रोडवेज बस स्टैंड तक की भी सभी दुकानों पर ताला लटके रहे, जिससे सड़काें पर सन्नाटा पसरा रहा। अमरावती चौराहे पर चक्काजाम के दौरान विंध्याचल वासियों की मांग थी कि विंध्याचल में देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में भक्तजन दर्शन-पूजन करने के लिए आते हैं, इसलिए विंध्यधाम क्षेत्र में बिजली और पानी के साथ ही साफ-सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाए। चक्काजाम स्थल पर नगर मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार सीओ सिटी प्रवीण यादव व विंध्याचल इंस्पेक्टर सुरेंद्र तिवारी के साथ पहुंचे। उन्हाेंने विंध्याचल वासियों को आश्वासन दिया कि एक हफ्ते के अंदर बिजली-पानी और साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करवा दिया जाएगा, तब जाकर लोगाें का गुस्सा शांत हुआ और चक्काजाम को समाप्त कर दिया।