मिर्जापुर। कछवां क्षेत्र के भटौली घाट पर बना पीपा पुल गुरुवार को जलयान के टकराने से बह गया। हालांकि उसे गुजारने के लिए पुल के बीचोबीच छह पीपा हटाकर जगह बनाई गई थी। इसके बावजूद वह पीपा से टकरा गया और सभी पीपा इधर-उधर बह निकले। पीपा पुल बहने के दौरान कोई दुर्घटना नहीं हुई। लेकिन मिर्जापुर व वाराणसी आने-जाने वाले हजारों यात्री आवागमन बंद होने के कारण गुरुवार को दिन भर परेशान रहे।
इलाहाबाद की ओर से विशालकाय जलयान गुरुवार की अपराह्न भटौली पीपा पुल से होकर पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाला था। उसके साथ दो छोटे-छोटे जहाज भी थे। इसके लिए भटौली घाट स्थित पीपा पुल के छह पीपा को हटाकर जलयान को गुजारने की जगह बनाई गई थी। साथ ही गुरुवार को पूर्वाह्न 11 बजे से पीपा पुल पर आमजन का आवागमन भी प्रतिबंधित कर दिया गया था। लेकिन जलयान पास आते ही पीपा से टकरा गया। इससे सभी पीपा निर्धारित स्थान से एक किलोमीटर की दूरी तक बह गए। भटौली घाट से जलयान को पार कराने के लिए जिस समय पीपा पुल को खोला गया था, उस समय पुल के दोनाें किनारों पर बड़ी संख्या में यात्री खड़े थे। ज्योहि जलयान पीपा पुल से टकराया लोगों में अफरातफरी मच गई । अगर जलयान कछवां की तरफ पुल से टकराता तो उस तरफ खड़े यात्री दुर्घटना के शिकार हो जाते, क्योंकि उस तरफ बड़ी संख्या में यात्री अपनी बाइक के साथ खड़े थे और उन्हें भागने का समय भी नहीं मिल पाता।